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भारत-अमेरिका संयुक्त युद्धाभ्यास का समापन

जोधपुर: भारत व पाकिस्तान के बॉर्डर पर शनिवार को पौ फटने से पहले अंधेरे में ही आतंकी ठिकानों पर हमला बोल दिया।

अमरीकी जवान अपनी गन्स के साथ निशाने साध रहे थे तो भारतीय अपने हथियारों के साथ।

इस अभ्यास की खास बात ये रही कि ये दोनों देशों के सीनियर अफसरों ने इसे एक युद्ध की तरह ही प्लान किया।

यह 54 घंटे तक लगातार चलने वाले युद्धाभ्यास की शुरूआत शुक्रवार सुबह से हुई थी। युद्धाभ्यास का समापन रविवार को होगा।

अलग-अलग हिस्सों में बांटा टीमों को

वेलिडेशन एक्सरसाइज के लिए दोनों देशों को अलग अलग हिस्सों में बांटा था। दोनों हिस्सों में दोनों देशों के जवान थे।

इस पूरे युद्धाभ्यास का मकसद आतंकवाद से लडऩा है।

युद्धाभ्यास के अंतिम चरण में एक तरफ जहां टैंकों की आवाज रोमांच पैदा कर रही है तो दूसरी तरफ रेगिस्तानी धोरे में हेलिकॉप्टर से जवान उतर रहे थे।

हर टू्रप्स में दोनों देशों के जवान साथ-साथ थे। शुक्रवार को शुरू हुई इस वेलिडेशन एक्सरसाइज में अब दोनों देशों के जवान बकायदा युद्ध कर रहे हैं।

टैंकों से बमबारी की जा रही है तो दूसरी तरफ बंदूकों से गोलीबारी हो रही है। रात भर बमबारी की आवाज आई।

सेना के जवानों को हिस्सों में विभाजित करके एक तरफ के जवानों को आतंकी ठिकानों को घेरने के संदेश मिले।

मौके पर आतंकी भी जवाबी हमला कर रहे थे, ऐसे में जवान बहुत सावधानी के साथ उस कमरे तक पहुंच गए जहां हथियारों के साथ 5-7 आतंकी थे।

यहां हमला करने के बाद हर तरफ से जवान आ गए। जिन्होंने फायरिंग कर जवानों की डमी पर निशाने साधे।

दोनों देशों के लिए सीखें गुर आजमानें की शनिवार थी अंतिम कड़ी

युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की ओर से सीखे गए गुर को आजमाने की शनिवार को अंतिम कड़ी थी।

युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों ने एक दूसरे के हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण लिया।

इसमें इन सब हथियारों का उपयोग होगा।

क्योंकि, हर टुकड़ी में दोनों देशों के जवान हैं, ऐसे में कोई भी दिक्कत आने पर एक-दूसरे का सहयोग भी करेंगे।

जवानों ने अभ्यास के दौरान कितना सीखा, इसका ट्रायल इसी दौरान होता है। इसीलिए इसे वेलिडेशन एक्सरसाइज कहते हैं।

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