करियरभारत

मदरसा छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए जमीयत ने की ओपन स्कूल की स्थापना

नई दिल्ली: देशभर के मदरसा छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने जमीयत ओपन स्कूल की स्थापना की घोषणा की है। जमीयत उलमा-ए-हिंद मुख्यालय में आज द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनओआईएस) के साथ एएमयू पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी दी गई है।

इसके तहत एनओआइएस मदरसा छात्रों को शिक्षा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम बनाएगा और इसके लिए शिक्षकों को विषेश ट्रेनिंग भी देगा। जमीयत ओपन स्कूल और एनआईओएस के बीच हुए करार के अनुसार देशभर में मदरसा से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास होगा।

इसके तहत मदरसों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी और क्लास में रेडियो और दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को दिखाने की भी व्यवस्था की जाएगी। इस नए सिस्टम के माध्यम से मदरसों में पहले से चल रही धार्मिक शिक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसके लिए जो योजना बनाई गई है, उसके अनुसार प्रतिदिन एक घंटे का अतिरिक्त समय निकाला जाएगा। इसके अलावा सप्ताहिक छुट्टी के दिन क्लास की व्यवस्था की जाएगी।

जमीयत ओपन स्कूल की तरफ से जो कार्य योजना बनाई गई है, उसके अनुसार जमीयत उलमा-ए-हिंद ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

जमीयत ओपन स्कूल का लक्ष्य है कि अगले 5 साल में मदरसों से शिक्षा प्राप्त कर रहे 50 हजार छात्रों को दसवीं और बारहवीं की शिक्षा दिलाकर उन्हें प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।

इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि मदरसों में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को देश की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

उनका कहना है कि मदरसों में जो शिक्षा दी जाती है, उससे मदरसा छात्रों को सरकारी नौकरियों का फायदा नहीं मिल पाता, क्योंकि सरकारी नौकरियों को प्राप्त करने के लिए सरकार के जरिए स्थापित किए गए बोर्ड से 10वीं 12वीं पास करना बेहद जरूरी है और जब तक उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की जाती है, तब तक किसी भी सरकारी नौकरी को प्राप्त करना आसान नहीं है।

इसलिए मदरसा छात्रों को 10वीं 12वीं कक्षा तक की शिक्षा दिला करके उन्हें इस लायक बनाया जाएगा कि वह आगे की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कंपटीशन आदि में हिस्सा ले सकें और उच्च शिक्षण संस्थाओं में दाखिला प्राप्त करके आगे की पढ़ाई पूरी करके अपनी जिंदगी को संवारने के लिए अपना रास्ता आसान बना सकें।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रो अख्तरुल वासे, मौलाना नियाज़ फारूकी, मुज्तबा फारूक, कमाल फारूकी, डॉक्टर शुएब रज़ा ख़ान, इकराम रिजवी आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button