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    पारा शिक्षकों के नाम नक्सली पर्चा, लिखा- संगठन में शामिल हो नहीं तो कर देंगे छह इंच छोटा

    झारखंड-बिहार – गिरिडीह: लाल सलाम भाकपा माओवादी पार्टी की तरफ से, फिर जो पर्चा में लिखा है उसे देखे जाने से गांव में सनसनी फैल गयी हैं।

    बता दें कि नक्सलियाें ने धमकी दी है कि पारा शिक्षक नौकरी छोड़ माओवादी संगठन से जुड़ें, नहीं तो मार डालेंगे। धमकी वाले पोस्टर झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित गुडूरबाद गांव समेत चकाई प्रखंड के कई गांवों में चिपकाए हैं।

    इनमें पारा शिक्षक असगर अंसारी सहित कासिम, निसार, चेरका, सलीम, नबी, कारू, हाबिस बाजो, खरतली, मुसिया, रोजन, पियारी, यूनुस, इस्लाम, चतुर आदि के नाम लिखे हैं। पोस्टर में लिखा गया है कि नक्सली संगठन भाकपा माओवादी की तरफ से पारा शिक्षक असगर अंसारी काे तीन बार बुलावा भेजा गया, लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया।

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    इस पोस्टर में शिक्षक असगर के अलावे ग्रामीण काशिम, निसार, सदर, चेरका ,सलीम, नवी ,कारू, हविश, बाजो, खर्टली, मुसिया, रोजन,प्यारी ,यूनुस, इस्लाम एवं चतुर का भी नाम लिखा गया है।

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    नही तो छह इंच छोटा कर दिया जाएगा

    आप पारा टीचर की नाैकरी छोड़िए और क्रांतिकारी बनिए, घर द्वार छोड़िए साथ में चलिए।

    मेरे घर छूट है, दिन दहाड़े लूट है, गुडूरबाद किसान कमेटी से पार्टी को कोई मतलब नहीं रहा, सब घर छोड़िए नहीं तो छह इंच छोटा कर दिया जाएगा।

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    पोस्टर में भी कहा गया है कि गुडूरबाद किसान कमेटी से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।

    बता दें कि पारा शिक्षक असगर अंसारी बरमोरिया पंचायत गुडूरबाद गांव के रहने वाले हैं।

    पहले उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरमोरिया में कार्यरत थे। 2014 में नक्सलियों के सामान सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

    पुलिस और चकाई सीआरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ में टंगे पर्चे को जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी विश्वमोहन झा ने बताया कि पोस्टर नक्सली का है या असमाजिक तत्वों का, ये हरकत जिसने भी की है इसका पता लगाया जा रहा है।

    In This New Book, A Former Naxal Leader's Love Story Ends In Tragedy | HuffPost none

    पोस्टर के ऊपर लिखा लाल सलाम और भाकपा माओवादी

    पोस्टर के दोनों ओर हाथ से लिखा हुआ था। पोस्टर के ऊपर लाल सलाम और भाकपा माओवादी के तरफ से लिखा हुआ है।

    पोस्टर नक्सलियों के द्वारा जारी किया गया है, इसको लेकर खुलकर कोई भी बोलने से परहेज कर रहा है।

    मंगलवार सुबह जब गांव के लोग गांव के पक्की सड़क की ओर गए तो गांव के रास्ते के किनारे स्थित पेड़ में सादे कागज पर लाल रंग से हस्तलिखित एक पर्चा लटका देखा। गांव में किए गए पोस्टरबाजी के कारण ग्रामीण भी दहशत में है।

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