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कोरोना को लेकर राज्यों ने दिखाई सख्ती, दूसरे राज्य से आने वालों को दिखानी होगी निगेटिव रिपोर्ट

नई दिल्ली : देश में कोरोना के दोबारा रफ्तार पकड़ने के बीच दिल्ली सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है।

अरविंद केजरीवाल सरकार ने फैसला किया है कि महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब से आने वाले लोगों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही एंट्री मिलेगी।

दिल्ली की तरह अन्य राज्यों ने भी अपने यहां कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया है।

दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, एमपी और पंजाब में दिल्ली आने वालों को आरटी-पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

यह रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। यह आदेश 26 फरवरी शुक्रवार की आधी रात से लेकर 15 मार्च तक लागू रहेगा।

इस राज्यों से फ्लाइट, ट्रेन या बसों के जरिए दिल्ली आने वाले लोगों को नेगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट दिखाना होगा। हालांकि, अपनी गाड़ी से आने वाले लोगों को दिल्ली में प्रवेश करने वालों को छूट दी गई है।

इस लेकर आधिकारिक आदेश बुधवार को जारी किया जाएगा।

महाराष्ट्र और केरल से कर्नाटक में प्रवेश करने वाले हर शख्स के लिए भी आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य है। इसकी रिपोर्ट नेगेटिव दिखाने के बाद ही एंट्री मिलेगी।

ये रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। फ्लाइट में बोर्डिंग के वक्त स्टाफ के इस रिपोर्ट के वेरिफाई करने के बाद ही यात्री को आगे जाने दिया जाएगा।

इस दौरान रिपोर्ट में कुछ भी संदिग्ध मिलने पर यात्री को वहीं रोक लिया जाएगा और क्वॉरंटाइन किया जाएगा।

कोरोना के दो नए क्लस्टर मिलने के बाद ही नेगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। अंतरराज्यीय बसों में ये रिपोर्ट दिखाने पर ही टिकट काटा जाएगा।

फ्लाइट में बोर्डिंग से पहले भी ये रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है।
महाराष्ट्र सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित राज्य है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उद्धव सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने केरल से पुणे जाने वाले लोगों को लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।

पुणे नगर निगम ने आदेश जारी किया है, जिसमें साफ कहा गया है कि केरल से आने वाले यात्रियों को आरटी-पीसीआर परीक्षण के दौर से गुजरना अनिवार्य होगा।

सरकार ने कहा कि संक्रमण को देखते हुए कोरोना परीक्षण को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अगर मामलों की संख्या में और इजाफा हुआ तो और भी कड़े कोरोना नियम लागू हो सकते हैं।

वहीं त्रिवेंद्र रावत सरकार ने यहां भी कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बाहर से आने वाले लोगों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया है। 72 घंटे पहले ही ये टेस्ट करनी होगी। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उत्तराखंड में एंट्री मिलेगी।

जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में फिर से कोरोना के मामले सामने आए हैं। वहां भी उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेशानुसार आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है।

दूसरे राज्यों से आ रहे सैलानियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही एंट्री मिलेगी।

महाराष्ट्र में कोरोना के नए मामले आने के बाद गुजरात ने भी अपने राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के लिए सीमावर्ती जिलों में चेक पोस्ट स्थापित करने का फैसला किया है।

सरकार ने महाराष्ट्र से आने वाले लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।

वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, अलीराजपुर और महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों में महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू करने के लिए कहा है।

छत्तीसगढ़ में भी कमोबेश इसतरह का आदेश जारी किए गए हैं। यहां भी पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट देखी जाएगी।

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