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    Breaking : झारखंड में 7 दिनों के लिए बढ़ा Lockdown, जानें लेटेस्ट अपडेट

    रांची: झारखंड में चल रहे लॉकडाउन (स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) का आज आखिरी दिन है।

    मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को इस पर बड़ा एलान किया है। इससे पहले झारखंड में 22 से 29 अप्रैल और फिर 29 अप्रैल से छह मई तक दो चरणों में लॉकडाउन लगाया गया था।

    अब झारखंड में इसे बढ़ाते हुए 13 मई तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह (लॉकडाउन) लागू करने की घोषणा की गई है। सरकार ने अपने गाइडलाइन में 7 दिनों के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है।

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    इससे पहले ख़बरें 31 मई तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह (लॉकडाउन) बढ़ाने की आई थी। लेकिन सरकार ने अभी गाइडलाइन जारी कर बताया है की इसे 13 मई तक के लिए ही बढ़ाया गया है।

    मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। बता दें की अभी जो पाबंदियां लागू हैं वे जारी रहेंगी।

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    आज सीएम की अध्‍यक्षता में राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह (आंशिक लॉकडाउन) को लेकर आपदा प्रबंधन की अहम बैठक हुई।

    सरकार की तरफ से कहा गया है कि ऐसे मजदूरों का वापस आने पर टेस्ट करना होगा।

    आदेश में कहा गया है कि देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन लगा है।

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    ऐसे में वहां काम कर रहे झारखंड के मजदूर वापस आयेंगे। उनके वापस आने से राज्य के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के केस बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में उन्हें रोकने का प्रबंध करना होगा।

    जो मजदूर कोरोना नेगेटिव होंगे उन्हें सात दिनों तक होम क्वारंटाइन रहना होगा। उन्हें जिला प्रशासन की ओर से सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।

    सरकार की तरफ से कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से नहीं बढे, इसलिए सरकार ने ये कदम उठाया है।

    मजदूरों को घर भेजने से पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना होगा।

    हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। प्रवासी श्रमिक बंधु साथ दें। वो अपनी कोरोना जांच कराएं। कोरोना को हराएं। कोरोना हारेगा, झारखंड जीतेगा।

    इधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. रामेश्वर उरांव ने इस सदंर्भ में स्पष्ट कहा था कि व्यक्तिगत तौर पर वे सख्ती बढ़ाने के पक्ष में हैं, क्योंकि इसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।

    वर्तमान लॉकडाउन का असर सरकार तक पहुंचने लगा है और अब सख्ती कर हम बेहतर स्थिति में पहुंच सकते हैं।

    उन्होंने आम लोगों से स्वयं शादी समारोहों और सामाजिक कार्यों की तिथियों को आगे बढ़ाने या कुछ दिनों के लिए स्थगित करने का आग्रह भी किया था।

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    पिछले एक सप्ताह में झारखंड के डबलिंग रेट और रिकवरी रेट बेहतर जरूर हुआ है लेकिन यह अभी राष्ट्रीय औसत से बद्तर है। झारखंड का डबलिंग रेट 27.52 दिन से बढ़कर अब 32.22 दिन हो गया है।

    जबकि अभी भी डबलिंग रेट का राष्ट्रीय औसत 48.03 दिन है। वहीं रिकवरी रेट 74.31% से 75.55% हुआ है। राष्ट्रीय रिकवरी रेट 81.90% है।

    हेल्थ मिनिस्ट्री ने दी सख्त लॉकडाउन की सलाह

    इस बीच हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से भी देश के ऐसे जिलों में सख्त लॉकडाउन की सलाह दी जा चुकी है, जहां कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 15 फीसदी से अधिक है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों और कोरोना टास्क फोर्स की ओर से भी इस संबंध में चिंता जताई गई है।

    इन्होंने कहा- दो हफ्ते का पूर्ण लॉकडाउन की मांग

    दूसरी लहर में तेजी से हो रहे संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए कोविड टास्क फोर्स के मेंबर्स ने कम्प्लीट लॉकडाउन की मांग की है। इन मेंबर्स में एम्स और इंडियन काउंसल ऑफ मेडिकल रिसर्च शामिल हैं।

    इस पर केंद्र सरकार जल्द ही फैसला ले सकती है। दोनों मेंबर्स एक हफ्ते से ये मांग कर रहे हैं।

    टास्क फोर्स का तर्क है कि कोरोना की दूसरी लहर का पीक आना बाकी है।

    संस्थान का कहना है कि इन स्थितियों में संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए दो हफ्ते का पूर्ण लॉकडाउन जरूरी है। कहा जा रहा है कि पूर्ण लॉकडाउन नहीं तो आंशिक लॉकडाउन की घोषणा सरकार की ओर से की जा सकती है।

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    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए लॉकडाउन पर विचार करे केंद्र 

    कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को वैक्सीन पॉलिसी पर दोबारा विचार के लिए कहा है।

    केंद्र अभी खुद 50 फीसदी वैक्सीन खरीदता है, बाकी 50 फीसदी वैक्सीन को निर्माता कंपनी सीधे राज्यों और निजी संस्थानों को बेच सकती है।

    जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट्ट ने कहा- कहा कि ये संविधान में दिए गए जनता के जीने के अधिकार, जिसमें स्वास्थ्य का अधिकार जुड़ा है, उसे साफतौर पर नुकसान पहुंचा रहा है।

    केंद्र और राज्य कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन लगाने पर विचार करें।

    अदालत कमजोर तबके पर पडऩे वाले लॉकडाउन के सामाजिक-आर्थिक नतीजों से वाकिफ है।

    ऐसे में अगर संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन लागू किया जाता है तो इससे पहले इस तबके की जरूरतों को पूरा करने का ध्यान रखा जाए।

    ये सभी 2 बजे तक ही खुल रहे है

    छह मई की सुबह 6 बजे तक लाॅकडान का आदेश प्रभावी रहेगा।

    रात के 8 बजे की जगह 5 मई तक सभी दुकानें (अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर) दोपहर 2 बजे तक ही खुलेंगी।

    जन वितरण प्रणाली की दुकान।

    आउटलेट ग्रॉसरी (एफएमसीजी) स्टोर। इनमें होम डिलीवरी को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

    फल, सब्जियों, अनाज, दूध और डेयरी प्रोडक्ट, पशु चारा और खाने-पीने की सभी दुकानें, जिनमें मिठाई दुकान में भी शामिल हैं।

    कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियां जारी रहेंगी। लेकिन खेतीबाड़ी के सामान की दुकानें दोपहर 2 बजे तक ही खुलेंगी।

    निर्माण से जुड़ी गतिविधियों, जिनमें मनरेगा की गतिविधियां भी शामिल हैं, अनुमति दी गई है। हालांकि खनन कार्य से जुड़ी सभी दुकानों दोपहर 2 बजे तक ही खुलेंगी।

    ई-कॉमर्स सेवाएं।

    जानवरों की देखभाल से जुड़ी दुकानें।

    शराब दुकानें।

    वाहन बनाने वाले वर्कशॉप और गैराज।

    भारत सरकार और उससे जुड़े उपक्रमों के दफ्तर। इसमें अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मी ही उपस्थित रहेंगे

    बैंक, एटीएम, वित्तीय संस्थाएं,, बीमा कंपनियां और सेबी से रजिस्टर्ड ब्रोकर्स।

    राज्य सरकार के स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग, गृह एवं कारा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, पेयजल स्वच्छता, बिजली विभाग, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन कार्यालय। समाहरणालय। नगर निकाय, बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ और ग्राम पंचायत कार्यालय। इनमें केवल 50 प्रतिशत कर्मी ही उपस्थित रहेंगे। बाकी बचे समय में कर्मी वर्क पर होम में रहेंगे।

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    ये सभी 2 बजे के बाद भी खुल रहे हैं

    हेल्थ केयर और चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी दुकानें।

    पेट्रोल पंप, एलपीजी और सीएनजी

    होटल और रेस्टोरेंट खुले रहेंगे। होम डिलीवरी को अनुमति दी गई है, लेकिन होटल और रेस्तरां में बैठकर खाने की अनुमति नहीं है।

    नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर स्थित ढाबे खुले रहेंगे।

    सभी प्रकार के माल की ढुलाई के लिए परिवहन व्यवस्था जारी रहेगी। वैसे सभी दुकानें और प्रतिष्ठान जो परिवहन और समानों के लॉजिस्टिक से जुड़े हैं, जारी रहेंगे। सामानों की ढुलाई की अनुमति दी गई है।

    औद्योगिक व खनन कार्य।

    कोल्ड स्टोरेज व वेयर हाउस।

    प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कार्यालय।

    कुरियर सेवाएं।

    पोस्टल व टेलीकम्यूनिकेशन सेवाएं।

    सिक्यूरिटी सर्विस।

    यहां जानें झारखंड में क्या खुला है और क्या है बंद

    दवा, स्वास्थ्य संबंधित व स्वास्थ्य उपकरण संबंधित दुकानें खुलेंगी।

    उचित मूल्य की दुकानें, जैसे किराना व जरूरत की वस्तुएं बेचने वाली दुकानें प्रत्येक दिन दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगी।

    पेट्रोल पंप, एलपीजी, सीएनजी आउटलेट खुलेंगी।

    ग्रासरी की दुकानें भी प्रत्येक दिन दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगी। होम डिलिवरी की सुविधा दी जा सकती है।

    थोक, खुदरा दुकानें, फूटपाथ की सब्जी-फल की दुकानें, दूध व दूध की सामग्री की दुकानें, मिठाइयों की दुकानें, पशु चारा की दुकानें भी दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगी।

    होटल व रेस्टोरेंट में बैठकर खाना प्रतिबंधित है, सिर्फ होम डिलिवरी को ही अनुमति दी गई है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढाबा खोलने की अनुमति।

    दुकानों के लिए सामान ढोने वाले वाहनों को अनुमति, वाहनों से सामान को उतार सकते हैं और चढ़ा भी सकते हैं। – कृषि कार्य चलते रहेंगे। इससे संबंधित दुकानें भी दोपहर दो बजे तक खुल सकेंगी।

    औद्योगिक व खनन संबंधित कार्य चलते रहेंगे।

    निर्माण कार्य व मनरेगा संबंधित कार्य चलेंगे। इससे संबंधित दुकानें भी दोपहर दो बजे तक खुलेंगी।

    ऑनलाइन मार्केटिंग संबंधित कार्य भी दोपहर दो बजे तक ही चलेंगे।

    पशु संबंधित दुकानें, शराब की दुकानें, वाहन मरम्मत की दुकानें भी दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगी।

    ठंडा घर व गोदाम खुले रहेंगे।

    भारत सरकार के कार्यालय भी अधिकतम 50 फीसद उपस्थिति के साथ दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगे।

    बैंक, एटीएम, वित्तीय गतिविधियां, बीमा कंपनियां, सेबी आदि भी दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगी।

    राज्य सरकार के कार्यालय जैसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, सभी पुलिस, गृह रक्षा वाहिनी, अग्निशमन सेवा, उपायुक्त, नगर निगम, बीडीओ, सीओ व सीडीपीओ और ग्राम पंचायत कार्यालय में भी अधिकतम 50 फीसद उपस्थिति होगी। ये कार्यालय भी दोपहर दो बजे तक चलेंगे। अन्य कार्यालयों के कर्मी-पदाधिकारी वर्क फ्रोम होम में रहेंगे।

    प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया, कुरियर सेवा, डाक व दूरसंचार सेवाएं, सुरक्षा सेवाएं खुली रहेंगी।

    इसके अलावा वैसी दुकानें, वैसे कार्यालय जो कोरोना के नियंत्रण में सहायक होंगे, उन्हें खोलने पर राज्य सरकार या उपायुक्त निर्णय ले सकते हैं।

    सभी धार्मिक स्थल खुले रहेंगे, लेकिन श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

    पांच या इससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर नहीं जुटेंगे। शादी समारोह में अधिकतम 50 व्यक्ति को जाने की अनुमति व अंतिम संस्कार में अधिकतम 30 व्यक्ति ही जा सकेंगे।

    सभी तरह के जुलूस चाहे धार्मिक हो या फिर शादी संबंधित हो, प्रतिबंधित रहेगा।

    सभी शैक्षणिक संस्थान जैसे स्कूल, कॉलेज, आइटीआइ, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कोचिंग संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान बंद रहेगा। सिर्फ ऑनलाइन क्लास ही चलेंगे।

    राज्य सरकार के अधीन सभी तरह की परीक्षाएं अगले आदेश तक प्रतिबंधित हैं।

    सभी मेला व प्रदर्शनी पर रोक है।

    सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थिएटर, सभा हॉल बंद रहेंगे।

    सभी स्टेडियम, जिम, स्वीमिंग पुल, पार्क बंद रहेंगे।

    बैंक्वेट हॉल का उपयोग सिर्फ शादी व अंतिम संस्कार संबंधित कार्य में ही होगा।

    पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा को अनुमति दी गई है।

    बिना मास्क या फेसकवर के कोई भी व्यक्ति सरकारी दफ्तर, रेलवे स्अेशन, एयरपोर्ट, बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा या किसी दुकान में नहीं जा सकेगा।

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