
Bihar News : बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि निवेशकों की समस्याओं के समाधान और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हर तीन महीने पर जिला स्तर पर उद्योगपतियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
इन बैठकों में डीएम, एसपी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके और निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2025 के तहत निवेश को आकर्षित करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। उद्योग संगठनों के सुझावों के आधार पर नीतियों में लगातार सुधार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर भी तेजी से काम चल रहा है। गंगा और सोन नदी के किनारे लगभग 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव का निर्माण किया जा रहा है, जो दिघवारा से शेरपुर तक फैला होगा। इसके साथ ही कई नए पुल और सड़क परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
सरकार का लक्ष्य बिहार को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आधुनिक टाउनशिप के जरिए निवेश का बड़ा केंद्र बनाना है। इसके लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दवा, आईटी, MSME और अन्य क्षेत्रों में बड़े अवसर मौजूद हैं और उद्योगपतियों को राज्य में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। यदि किसी आवेदन पर तय समय में कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट चौधरी ने अंत में कहा कि बिहार का विकास उद्योग और निवेश के बिना संभव नहीं है, और राज्य को देश के विकास इंजन के रूप में आगे लाने का लक्ष्य रखा गया है।

