अमेरिकी-भारतीय पहले मुस्लिम जिन्हें राष्ट्रपति बाइडेन ने सौंपी अहम जिम्मेदारी

News Aroma Media
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वॉशिंगटन: भारतवंशी अमेरिकी अटॉर्नी रशद हुसैन के खाते में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन उन्हें अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता का एंबेसडर-एट-लार्ज मनोनीत किया है।

किसी महत्वपूर्ण पद के लिए नामित वह पहले मुस्लिम हैं। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।

एंबेसडर-एट-लार्ज ऐसा राजदूत होता है जिसे विशेष जिम्मेदारियां दी जाती है लेकिन वह किसी खास देश के लिए नियुक्त नहीं होता है।

हुसैन (41) वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सहयोग एवं वैश्विक भागीदारी के लिए निदेशक हैं।

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘आज की यह घोषणा राष्ट्रपति की एक ऐसा प्रशासन बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसमें सभी धर्मों के लोगों का समावेश हो।

हुसैन पहले मुस्लिम हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के एंबेसडर-एट-लार्ज के तौर पर सेवा के लिए नामित किया गया है।

’हुसैन इससे पहले न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा खंड में वरिष्ठ वकील के तौर पर सेवा दे चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में वह इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के लिए विशेष दूत, सामरिक आतंकवाद रोधी संचार के लिए अमेरिका के विशेष दूत तथा डिप्टी एसोसिएट व्हाइट हाउस काउंसल के तौर पर सेवा दे चुके हैं।

दूत के रूप में अपनी भूमिकाओं में हुसैन ने बहुपक्षीय संगठनों जैसे ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र, विदेशी सरकारों और नागरिक समाज संगठनों के साथ शिक्षा, उद्यमिता, स्वास्थ्य, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के लिए काम किया।

हुसैन ने येल लॉ स्कूल से ज्यूरिस डॉक्टर की डिग्री प्राप्त की, जहां उन्होंने येल लॉ जर्नल के संपादक के रूप में कार्य किया और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन (कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट) और अरबी एवं इस्लामी अध्ययन में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

उन्होंने जॉर्ज टाउन लॉ सेंटर और जॉर्ज टाउन स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस में कानून के सहायक प्रोफेसर के रूप में भी अध्यापन का कार्य किया है। वह उर्दू, अरबी और स्पेनिश भाषा के जानकार हैं।

राष्ट्रपति बाइडेन ने हुसैन के अलावा पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी खिज्र खान को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) के आयुक्त के रूप में नामित किया है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, डेबोरा लिपस्टाड को यहूदी मामलों के मॉनिटर एंड कॉम्बैट एंटी सेमिटिज्म के लिए विशेष दूत के रूप में नामित किया गया है जो राजदूत के पद के समान है। इसके अलावा शेरोन क्लेनबाम को यूएससीआईआरएफ आयुक्त के रूप में नामित किया गया है।

व्हाइट हाउस ने बताया कि लिपस्टाड यहूदी मामलों की एक ख्यात विद्वान हैं।

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