गुमला में कृषि वैज्ञानिक और मत्स्य पालन विशेषज्ञ हत्याकांड का उद्भेदन, तीन गिरफ्तार

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गुमला: पुलिस ने घाघरा के सनसनीखेज कृषि वैज्ञानिक व मत्स्य पालन विशेषज्ञ हत्याकांड का उद्भेदन करते हुए घटना में संलिप्त तीन आरोपितों आनंद उरांव उर्फ आनंद तिग्गा पुत्र राजपति उरांव ग्राम जगबगीचा घाघरा, अर्पण उरांव उर्फ तेतरू उरांव उर्फ मैनेजर उरांव पुत्र महरंग उरांव ग्राम तेंदार दोनो थाना घाघरा व आकाश उरांव पुत्र हरिया उरांव ग्राम चापाकोना थाना गुरदरी को गिरफ्तार कर लिया है। चौथा आरोपित बसंत उरांव फरार है।

गुमला के पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारीब ने सोमवार की शाम अपने कार्यालय परिसर में पुलिस की शानदार सफलता की जानकारी दी और तीनों अपराधियों को स्थानीय मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया।

श्री बकारीब ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड को सुलझाना पुलिस महकमे के लिए एक गंभीर चुनौती थी। मगर इसे सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है।

उन्होंने बताया कि जिला के घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शिव कुमार भगत के केला बागान में 23 अगस्त सोमवार की रात अज्ञात हमलावरों ने कृषि वैज्ञानिक लोकेश पुट्टास्वामी (50) मैसूर (कर्नाटक) व मत्स्य पालन विशेषज्ञ मडिला देवदासु (51) श्रीरामपुरम कटिवरम श्रीकाकुलम( आंध्रप्रदेश) की गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी थी।

इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए उनके निर्देश पर एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया।

इस टीम को पुख्ता सबूत मिला कि घटना की रात इस क्षेत्र का दुर्दांत अपराधी आनंद तिग्गा उर्फ आनंद उरांव अपने सहयोगियों अर्पण उरांव उर्फ मैनेजर उर्फ तेतरू उरांव व आकाश उरांव को मृतक कृषि वैज्ञानिक लोकेश पुट्टास्वामी के साथ देखा गया है।

अनुसंधान के क्रम में 29 अगस्त की शाम आनंद, अर्पण और आकाश को सेन्हा (लोहरदगा ) से पीछा किया गया।

फिर तीनों को घाघरा थाना क्षेत्र के नाथपुर जंगल से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से दो देसी पिस्तौल,गोली,कांड में प्रयुक्त चाकू,मोबाईल फोन,कांड में प्रयुक्त पल्सर मोटर साईकिल बरामद किया गया।

तीनों आरोपितों ने इस दोहरे हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया है।

इनके स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर गला काटने में प्रयुक्त लोहे का दबिया, मृतक लोकेश की जली हुई मोटर साईकिल,अभियुक्तों का खून लगा हुआ कपड़ा भी बरामद कर लिया गया।

श्री वकारीब ने बताया कि अभियुक्त आनंद तिग्गा ने लूटी गई राशि में से 10 हजार रुपये अपने बहनोई आकाश उरांव के बैंक खाते में डलवा दिया था।

साथ ही घटना में आकाश उरांव के ही मोटर साईकिल का प्रयोग किया गया था। आकाश उरांव ने ही घटना की रेकी की थी।

इस दल में एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, पुलिस निरीक्षक एस.एन.मंडल, घाघरा के थाना प्रभारी आकाश पांडेय. पुअनि सूरज कुमार रजक, कौशलेंद्र कुमार, महेश प्रसाद कुशवाहा व प्रवीण महतो, सअनि नागमनी सिंह की सक्रिय भूमिका रही।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी उग्रवादी संगठन जेजेएमपी से जुड़े रहे हैं और कई बार जेल जा चुके हैं।

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