जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से प्रदेश के कुछ हिस्सों में सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए तत्काल आकस्मिक योजना तैयार करने की रविवार को मांग की।

गहलोत ने कहा कि आने वाले महीनों में पेयजल, चारे की समस्या विकराल हो सकती है।
जयपुर में संवाददाताओं से बातचीत में गहलोत ने कहा कि सरकार को स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों और पशुओं के लिए चारे और पेयजल की व्यवस्था करनी होगी। अभी से आकस्मिक योजना तैयार की जानी चाहिए।’’
गहलोत ने कहा कि राजस्थान पहले भी सूखे का सामना कर चुका है, लेकिन पिछले वर्षों में ट्यूबवेल, हैंडपंप और रोजगार गारंटी कार्यक्रम के कारण इसका असर कम हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि रोजगार गारंटी व्यवस्था में बदलाव के बाद लोगों को मांग के आधार पर काम मिलने का भरोसा पहले जैसा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त राहत कार्य सुनिश्चित करने होंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बाड़मेर में की गई घोषणा का जिक्र करते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि तीन दिन बाद भी संबंधित आदेश जिला कलेक्टर तक नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि सरकार स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना चाहती है तो इन मुद्दों को गंभीरता से लेना होगा।’’
सरकार को सुझाव देने के सवाल पर गहलोत ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने करीब 14,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर के नेता प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और यह जायजा लेंगे कि राहत कार्य शुरू हुए हैं या नहीं, भुगतान समय पर हो रहा है या नहीं तथा चारे और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं।


