आपदा में खुद को लोगों का हितैषी साबित करने में जुटे राजनेता!

पटना: बिहार में कोरोना की दूसरी लहर में राजनेताओं में लोगों के बडे हितैषी साबित करने की होड मची है। दीगर बात है कि यह होड केवल सोशल मीडिया में मची है।

सत्ता पक्ष हो या विपक्ष कुछ नेताओं को छोडकर अधिकांश नेता अब तक सड़कों पर नजर नहीं आए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर एक-दूसरे से ज्यादा हितैषी साबित करने में सभी नेता जुटे हुए हैं।

कोरोना की दूसरी लहर के प्रारंभ होने के बाद सत्ता पक्ष हो या विपक्ष एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार कर रहे हैं।

इसमें कोई शक नहीं कि कोरोना की इस दूसरी लहर में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है।

इस मामले में विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर आरोप लगाता रहा, लेकिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव कहीं सडकों पर नजर नहीं आए।

स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी वर्चुअल टूर कर ही सामुदायिक रसोई का निरीक्षण कर रहे हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद गुरुवार को अपने विधानसभा क्षेत्र कटिहार में एक सामुदायिक रसोई का जायजा लिया और वहां खाना भी खाया।

वैसे, जनअधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव इस क्रम में कई अस्पतलों और लोगों की प्रत्यक्ष रूप से मदद करने के लिए आगे आए थे, लेकिन उनकी एक पुराने मामले में गिरफ्तारी हो गई।

कहा यह भी जा रहा है कि पप्पू यादव की पार्टी के लोगों की मदद करने के लिए आगे आने के बाद राजद सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय हुआ।

हालांकि, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी इससे अलग दावा करते हैं।

उन्होंने कहा कि राजद लगातार सरकार की मदद करने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटी है।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजद के कई विधायक लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं।

उन्होंने कहा, कई इलाकों में लालू की रसोई के जरिए लोगों को खाना खिलाया जा रहा है जबकि कई स्थानों में राजद कोविड केयर खोलकर लोगों की मदद की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोगों को अपने अस्पताल की हालत देखने के लिए अस्पताल जाना चाहिए।

इस बीच, हालांकि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव कहीं नजर नहीं आए।

जदयू के विधान पार्षद और पूर्व मंत्री नीरज कुमार कहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष पॉलिटिकल कोविड से पीड़ित नजर आते हैं।

उन्होंने कहा, ये ट्वीट परिवार हो गए हैं। गत 17 अप्रैल से 20 मई को दोपहर तक राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद परिवार ने कुल 906 ट्वीट-रिट्वीट किया है।

इन्होंने तो कोविड वैक्सीनेशन पर भी सवाल खड़ा किया, काल्पनिक बताया था।

इधर, तेजस्वी कहते हैं कि सरकार न खुद काम करती है और नहीं करने देना चाहती है।

उन्होंने कहा कि राजद द्वारा पटना में हमारे सरकारी आवास में कोविड केयर सेंटर खोला गया, जिसमें सारी व्यवस्थाएं हैं, लेकिन उसे सरकार अपनाना नहीं चाह रही है और नहीं जवाब दे रही है।

इस बीच, भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल अपने क्षेत्र में कई कोविड डेडिकेटेड सेंटरों का दौरा किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छपास रोग से ग्रसित है।

बहरहाल, सभी दल के नेताओं के अपने दावे हैं। लेकिन सही अर्थो में कोरोना की इस दूसरी लहर में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है अब इसे कैसे सही किया जाए इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष को एकमत हो कर विचार करना होगा, जिससे लोगों को सच में राहत मिल सके।

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