बिहार में यहां चोर 2 साल बाद मंदिर में वापस छोड़ गए करोड़ों की मूर्तियां

छपरा: बिहार के छपरा में चोरों का ह्रदय परिवर्तन हो गया और वे भगवान की चुराई गई मूर्ति को 2 साल बाद मंदिर में छोड़ गए।

पुलिस मूर्तियों की लंबे समय से तलाश कर रही थी। मूर्तियों की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।

मांझी थाना क्षेत्र के फतेहपुर सरैया गांव स्थित राम जानकी मठ परिसर में दूसरे स्थान से लाकर फेंकी गई श्रीराम तथा जानकी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा को मांझी पुलिस ने बरामद किया है।

डेढ़ फुट लम्बी दोनों मूर्तियों का वजन करीब पचास किलो बताया जा रहा है। दोनों मूर्तियां स्थानीय राम जानकी मन्दिर परिसर के बक्शे से लगभग बीस माह पूर्व चोरी हो गई थी।

मूर्तियों की बरामदगी के बाद पुलिस ने छपरा से डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाकर मामले की सघन जांच पड़ताल की।

संदेह के आधार पर मूर्ति चोरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

बरामद मूर्तियों के हाथ-पैर, आंख तथा कुंडल आदि चोरों द्वारा काट कर निकाल लिए गए।

कथित रूप से करोड़ों रुपये मूल्य की अष्टधातु से बनी तीन मूर्तियों की चोरी अपराधियों द्वारा वर्ष 2009 में पुजारी को बंधक बना कर की गई थी। बाद में वर्ष 2012 में चोरी गई मूर्तियों को पुलिस ने यूपी से बरामद किया था।

तब से ये मूर्तियां मन्दिर के बक्शे में बन्द पड़ी थीं। वर्ष 2019 में चोरों ने दुबारा बक्शे में बंद भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियों को मन्दिर का ताला तोड़कर चुरा लिया और पुनः सोमवार की रात चुपके से राम तथा जानकी की मूर्तियों को चोर फेंक गए।

मूर्ति मिलने के बाद थानाध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान ने डॉग स्क्वायड की टीम बुलाई।

टीम ने जिंस पैंट के आधार पर मन्दिर परिसर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक खंडहर बन चुके घर तक पहुंच कर रुक गया। मौके पर सीओ दिलीप कुमार सहित अनेक पुलिस पदाधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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