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भारत से मिली वैक्सीन को कम और किसान आंदोलन को मिल रहा ज्यादा महत्व

नई दिल्ली: पाकिस्तान से सोमवार को प्रकाशित अधिकांश अखबारों ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सख्त पाबंदियां लगाए जाने से सम्बंधित खबरें प्रकाशित की हैं।

अखबारों ने लिखा है कि संसद को बंद कर दिया गया है और तमाम सिनेमाघर, बारात घर, स्कूल कॉलेज और भीड़भाड़ वाले इलाकों को भी बंद करने का फैसला लिया गया है।

अखबारों ने बताया है कि ब्रिटेन के नए वेरिएंट की वजह से पाकिस्तान में कोरोना ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
अखबारों ने पाकिस्तान के विपक्षी दलों के संयुक्त मोर्चा में लांग मार्च को लेकर दरार पड़ने की खबर भी दी है।

अखबारों का कहना है कि कल पीडीएम के अध्यक्षीय मंडल की बैठक इस्लामाबाद में होनी है। इस बैठक में भाग लेने के लिए मरियम नवाज इस्लामाबाद पहुंच चुकी हैं।

अखबारों का कहना है कि मुस्लिम लीग नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का कहना है कि लांग मार्च में भीड़ को देखने के बाद ही वह इसमें शामिल होने का फैसला करेंगे।

अखबारों ने पाकिस्तान में चीनी के दाम में बेतहाशा वृद्धि होने की खबर दी है। अखबारों ने लिखा है कि 10 बड़े शहरों में चीनी 100 से 110 रुपये किलो बिक रही है।

अखबारों ने भारत के जरिए पाकिस्तान को डेढ़ करोड़ कोरोना वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराने की भी खबरें छापी है।

अखबारों का कहना है कि भारत यह वैक्सीन पाकिस्तान को सीधे नहीं दे रहा है बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की निगरानी में सौंपने की तैयारी कर रहा है।

अखबारों ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन के बीच किसान नेताओं के जरिए संसद के बाहर मंडी लगाने के फैसले से सम्बंधित खबर दी है।

अखबारों का कहना है कि भारत में पिछले 3 महीनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं और अब किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने के लिए संसद के बाहर मंडी लगाने का फैसला लिया है।

अखबारों ने अमेरिका के जरिए चीन को घेरने के लिए पेंटागन चीफ के एशियाई देशों का दौरा करने की खबर भी दी है।

अखबारों का कहना है कि अमेरिका, चीन को घेरने के लिए एक नई रणनीति पर काम कर रहा है जिसके तहत समर्थन जुटाने के लिए पेंटागन चीफ और उसके वरिष्ठ अधिकारी एशियाई देशों का दौरा करने की योजना बना रहे हैं।

यह सभी खबरें रोजनामा औसाफ, रोजनामा जिन्नाह, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा पाकिस्तान और रोजनामा जंग ने अपने पहले पृष्ठ पर प्रकाशित की हैं।

रोजनामा नवाएवक्त ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों के जरिए एक कश्मीरी नौजवान को मारे जाने की खबर दी है। अखबार का कहना है कि सरकार की तरफ से एक बार फिर कश्मीर में इंटरनेट सर्विस को बंद कर दिया गया है।

अखबार का कहना है कि सोपोर में एक अनजान व्यक्ति के जरिए दस्ती बम फेंकने से दो एफपीओ के जख्मी होने की भी खबर दी है।
अखबार ने एक और खबर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति सरदार मसूद खान के हवाले से दी है।

अपने बयान में सरदार मसूद खान ने कहा है कि भारतीय जुल्म के बावजूद भी कश्मीरी अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।

मसूद खान ने स्वीडन की एक संस्था के जरिए जारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि भारत में अब जम्हूरियत नाम की चीज बाकी नहीं है और भारत दुनियाभर को जम्हूरियत का पाठ पढ़ा रहा है।

रोजनामा खबरें ने पाकिस्तान के श्रीलंका में हाई कमिश्नर रहे और पाकिस्तान के पूर्व डायरेक्टर जनरल आईबी कर्नल रिटायर्ड बशीर वली का एक इंटरव्यू प्रकाशित किया है।

इस इंटरव्यू में कर्नल बशीर ने रहस्योद्घाटन किया है कि भारत के दबाव की वजह से श्रीलंका दौरे पर गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को वहां की संसद को संबोधित नहीं करने दिया गया है।

अखबार का कहना है कि अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि श्रीलंका को यह बताने की जरूरत है कि तमिल टाइगर्स के खिलाफ होने वाली जंग वह पाकिस्तान की मदद के बगैर नहीं जीत सकता था।

उनका कहना है कि भारत कोई मिसएडवेंचर नहीं करेगा। पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है कोई मजाक नहीं है।

उन्होंने साफ कहा है कि भारत का असर रसूख श्रीलंका में बहुत बढ़ चुका है, इसका अंदाजा पाकिस्तान को होना चाहिए।

रोजनामा जंग में पेशावर के थाना गार्गी में कक्षा सातवीं के एक छात्र की पुलिस हिरासत में मारे जाने की खबर प्रकाशित की है।

अखबार का कहना है कि इस घटना के जिम्मेदार थाने के अमले को फ़िलहाल सस्पेंड कर दिया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस बच्चे ने अपनी बनियान से फंदा डालकर आत्महत्या कर ली है। 14 वर्षीय शाहजेब के पिता ख्याल अकबर का कहना है कि उसके बेटे को हवालात में प्रताड़ित करके मारा गया है।

शाहजेब के खानदान वालों ने थाने के सामने धरना प्रदर्शन किया है और रोड को जाम कर दिया है।

इस मामले पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने मामले की जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का आदेश दिया है।

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