नई दिल्ली: जून-जुलाई में जंतर-मंतर से शुरू हुई छात्रों के असंतोष की आवाजें अब दूरदराज के उन गांवों और कस्बों तक पहुंच गयी है, जो देश के शिक्षा मानचित्र पर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस आंदोलन में अब केवल ‘जेन जी’ ही नहीं, बल्कि ‘जेन अल्फा’ भी शामिल हो गया है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जून-जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद अब कम उम्र के सैकड़ों स्कूली छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। कहीं स्कूलों में पंखे नहीं हैं, कहीं शौचालय नहीं, कहीं शिक्षक नहीं और कहीं बुनियादी ढांचा तक नहीं है। कुछ जगहों पर तो बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल की उचित इमारत तक नहीं है।
छात्र असंतोष की गूंज जंतर-मंतर से गांवों तक, अब ‘जेन अल्फा’ भी उठा रहा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
जंतर-मंतर से उठी छात्रों की आवाज अब गांव-कस्बों तक पहुंची, जहां जेन अल्फा बच्चे पंखे, शौचालय, शिक्षक और स्कूल भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

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