अमेरिका दुनिया से छिपा रहा है बहुत बड़ा राज

लंदन: धरती और एलियंस का संपर्क पिछले 50 सालों से है। यह दावा ‎किया है स्पून ब्लेंडर और अपनी माइंड कंट्रोल पावर से सीआईए को भी दंग कर देने वाले एक शख्स ने। 74 साल के उरी गेलर का ये दावा चौंकाने वाला है।

उरी गेलर बताते हैं कि कि उन्होंने जो देखा था, वो अविश्वसनीय था। उन्हें इंजीनियर वर्नर ने धातु का एक टुकड़ा दिखाया था।

उनका कहना है कि उसे छूते ही उन्होंने कहा कि ये इस ग्रह की चीज़ नहीं है।

इसके जवाब में इंजीनियर ने उन्हें साफ तौर पर बताया कि -आप सही हैं और ये टुकड़ा एक यूएफओ का है, जो धरती पर क्रैश हुआ है।

उरी गेलर आगे बताते हैं कि ज़मीन के अंदर एक फ्रिज में उन्होंने जो कुछ भी देखा, वो अविश्वसनीय था।

हालांकि उनका कहना है कि नॉन डिस्क्लोज़र डॉक्यूमेंट पर दस्तखत करने की वजह से वो इससे ज्यादा कुछ भी नहीं बता सकते हैं, लेकिन मैं ये बता सकता हूं कि हम एलियंस के संपर्क में थे।

वे बताते हैं कि उन्हें ये जानकर खासी हैरानी हुई कि अमेरिका 144 ऐसी जगहों के बारे में जानता है, जहां यूएफओ देखी जा चुकी हैं। उनका दावा है कि वे और भी बहुत कुछ जानते हैं।

शोध बताते हैं कि हमारे पड़ोसी ग्रहों पर बादल काफी सूखे हैं, लेकिन हम सभी को पता है कि जीव सर्वाइव करना जानते हैं।

हालांकि अभी तक किसी भी ग्रह पर ज़िंदगी जीने की परिस्थितियां पूरी तरह नहीं मिली हैं, क्योंकि यहां नमी की कमी है।

अमेरिका अकेला ही एलियंस को लेकर स्टडी कर रहा है, जबकि ब्रिटेन और बाकी देश किसी सैन्य खतरे को न देखते हुए इस पर स्टडी नहीं कर रहे हैं।

आपको बता दें कि उरी गेलर वो शख्स हैं, जिनकी माइंड कंट्रोलिंग पावर को देखकर सीआईए भी दंग रह गया था और उन्हें नासा ने साल 1974 में मैरीलैंड बेस पर आमंत्रित भी किया था।

एक नई स्टडी के मुताबिक वीनस पर मिले बादल भले ही ज़िंदगी जीने की परिस्थितियों के अनुकूल न हों, जुपिटर के बादल जीने की परिस्थितियां बनाते हैं।

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