झारखंड : टीकाकरण करने गई महिला कर्मियों को बनाया बंधक, तीन गिरफ्तार

गुमला: डुमरी प्रखंड के करनी पंचायत अंतर्गत बिरगांव पकरीटोली ग्राम में टीकाकरण करने गई महिला कर्मियों को बंधक बनाकर दुर्व्यवहार किये जाने का एक मामला सामने आया है।

घटना की सूचना मिलते ही डुमरी पुलिस ने सभी दस स्वास्थ्यकर्मियों को मुक्त कराते हुए घटना में संलिप्त तीन युवकों सवर्ण खाखा, सेराफिनुस खाखा एवं सुरेश कुजूर को गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र पकरीटोली में वैक्सिनेशन के दौरान कुछ युवक नशे की हालत में टीकाकरण करने गई महिला कर्मियों को ना सिर्फ टीकाकरण करने से रोका बल्कि, इनसे रजिस्टर छीनकर इन्हें बंधक भी बना लिया।

इस बात की सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई। पुलिस ने मौके पर जाकर महिला कर्मियों को मुक्त कराया।

इस संबंध में वहां कार्यरत एएनएम माया कुमारी सिन्हा ने बताया कि हमलोग सुबह साढ़े नौ बजे टीकाकरण के लिए गए थे और 11 लोगों को टीका दे चुके थे।

इसी दौरान करीब दो बजे गांव के ही सवर्ण खाखा, सेराफिनुस खाखा एवं सुरेश कुजूर नशे की हालत में आए और पूछे कि कितने लोगों का टीका हो गया है।

एएनएम ने बताया कि आरोपितों ने हमारा हाथ पकड़कर कागज और रजिस्टर छीन लिया।  साथ ही सभी सहिया व सेविका के चेहरे पर लगाये गये मास्क भी खींच लिया।

इतना ही नहीं डीलर के साथ भी दुर्व्यवहार करने लगे।

इसके बाद जब हमलोग वैक्सिनेशन बंद कर वहां से आने लगे तो हम सभी को बंधक बना कर कहीं आने जाने नहीं दिया गया।  उक्त क्षेत्र में नेटवर्क भी नहीं था।

इस बीच महिला मंडल के सदस्य के साथ गए एक व्यक्ति ने शौच का बहाना कर जंगल की ओर निकला और डुमरी पुलिस को सूचना दी।

सूचना पाकर पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आई और वैक्सिनेशन स्थल पहुंचकर सभी बंधक एएनएम, सहिया, सेविका, डीलर व महिला संगठन की महिला सहित कुल 10 लोगों को मुक्त कराया।

माया कुमारी सिन्हा ने यह भी बताया कि इसके पूर्व भी चिरैयां और करनी दो जगहों पर हमलोग के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना हो चुकी है।

इस संबंध में एसडीओ सह बीडीओ प्रीति किस्कू ने कहा कि यह मामला दुर्भाग्यपूर्ण है।

अपनी जान पर खेलकर जो महिला कर्मी दूसरे की जान बचाने के लिए गांव-गांव, जंगल-पहाड़ में जाकर सरकारी आदेश का पालन कर टीकाकरण कर रहे हैं, इनके साथ दुर्व्यवहार करना मानवता के खिलाफ है। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. रोशन खलखो ने कहा कि हमारे महिला स्वास्थ्य कर्मी दुरस्त जगहों पर जाकर घर-घर घुमकर अपना कार्य करती हैं।

ऐसे में इनके साथ असामाजिक तत्वों के द्वारा हाथ पकड़ना, मुंह से मास्क छीनना व बंधक बनाने जैसे घृणित कार्य करना सरासर गलत है। इस घटना के बाद हमारे महिला कर्मी भयभीत हैं।

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