सरकार की उदासीनता की वजह से पंचायतों में विकास कार्य ठप: कुणाल षाड़ंगी

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रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा है कि सरकार की उदासीनता के कारण पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं।

योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विभाग के राज्य स्तरीय पदाधिकारी अपने लिए ज़्यादा कमीशन का मॉडल तय नहीं कर नहीं पा रहे है। इसलिए देरी हो रही है।

उन्होंने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों को दूसरी बार छह माह या अगले चुनाव तक एक्सटेंशन देने के लिए अध्यादेश की मंजूरी तो दी है, लेकिन अब तक पंचायती राज व्यवस्था के संचालन की नियमावली पर कोई फैसला नहीं होने के कारण पंचायतों में असमंजस की स्थिति बरकरार है।

पंचायती राज विभाग ने मंतव्य के लिए फ़ाईल विधि विभाग के पास भेजी है लेकिन वहाँ से अब तक कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिला है।

राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण राज्य की ग्राम पंचायतों में विकास योजनाएँ लटक गई हैं। स्पष्ट विभागीय आदेश के अभाव में 14वें वित्त आयोग की भी बड़ी राशि अभी तक उपयोग नहीं हो पाई है।

राज्य में 4402 ग्राम पंचायतें हैं, जहां विकास योजनाओं के लिए केंद्र की ओर से प्राप्त राशि बैंक में पड़ी है। 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र से आवंटित राशि का भी उपयोग नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के काम में प्रखंड विकास पदाधिकारी को राशि भुगतान के लिए हस्ताक्षरकर्ता का पावर दिया गया है लेकिन 14-15वें वित्त आयोग सहित अन्य योजनाओं के लिए किसी पदाधिकारी के लिए कोई निर्देश नही मिला है।

इस कारण 14वें वित्त आयोग की बची राशि से भी जो विकास योजनाएं ली जानी थी वह भी नहीं हो पाया है। हर पंचायत में 15-20 लाख पड़े हुए हैं।

केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग से पांच लाख-पांच लाख रुपये इस वित्तीय वर्ष में आवंटित किए हैं। सिर्फ़ उसी की 210 करोड़ रुपये की राशि भी वैसे ही पड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इतने गंभीर मामले पर अविलंब स्थिति स्पष्ट करे।

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