गुलाम नबी आजाद के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे होंगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता

नई दिल्ली: गुलाम नबी आजाद की विदाई के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता होंगे। कांग्रेस ने विपक्ष के नेता के तौर पर उनका नाम दिया है।

इससे पहले सदन में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि रेल दुर्घटना के कारण लगभग 22 महीनों से किसी यात्री की मौत नहीं हुई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को राज्यसभा में बजट चर्चा पर जवाब देंगी।

वित्तमंत्री सीतारमण इस दौरान बजट को लेकर विपक्ष के सवालों के जवाब देंगी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को लोकसभा में वित्तवर्ष 2021-22 का बजट पेश किया था।

आमतौर पर वित्तमंत्री पहले लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देती हैं और उसके बाद राज्यसभा में, लेकिन इस बार केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों पर विपक्ष के गतिरोध के कारण लोकसभा में चर्चा की शुरुआत राज्यसभा के बाद हुई।

 शनिवार यानी 13 फरवरी को राज्यसभा की बैठक नहीं होगी। राज्यसभा सचिवालय के एक आधिकारिक आदेश में इसकी जानकारी दी गई।

बजट सत्र 29 जनवरी को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा संसद के दो सदनों के संयुक्त बैठक के संबोधन के साथ शुरू हुआ। सत्र का पहला चरण 15 फरवरी तक चलने वाला था।

हालांकि, बाद में इसे 13 फरवरी तक कर दिया गया ।

सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।

कांग्रेस ने राज्यसभा के सभापति को सदन में विपक्ष के नेता के रूप में मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सौंपा है।

वह गुलाम नबी आजाद की जगह लेंगे।

राज्यसभा में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेल दुर्घटना के कारण अंतिम यात्री की मृत्यु 22 मार्च 2019 को हुई थी।

 लगभग 22 महीनों के दौरान, रेल दुर्घटना के कारण एक भी यात्री की मृत्यु नहीं हुई है।

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