जीन से छेड़छाड़ कर अपने सैनिकों को महाशक्तिशाली बना रहा चीन

नई दिल्ली: चीन अपने सैनिकों को शक्तिशाली बनाने के लिए काम कर रहा है, जिससे अमेरिका की भी नींद उड़ जाएगी।

दरअसल, चीन अपने सैनिकों को ज्यादा क्षमतावान बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं के जेनेटिक डेटा का चोरी-छिपे अध्ययन कर रहा है।

अमेरिकी सलाहकार समूह ने जो बाइडन सरकार को यह जानकारी देते हुए सतर्क किया है।

अमेरिकी सलाहकारों का कहना है कि भविष्य में जेनेटिक इंजीनियरिंग के जरिए चीन अपनी सेना को ज्यादा ताकतवर बना लेगा जो कि अमेरिका के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी कंपनी बीजीआई ग्रुप ने अब तक 80 लाख चीनी महिलाओं का डेटा अनैतिक ढंग से इकट्ठा कर लिया है।

दरअसल, यह कंपनी चीन समेत दुनियाभर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्ण जांच (प्रीनेटल टेस्ट) कराने के लिए प्रसिद्ध है। इ

स जांच में यह पता लगाया जाता है कि कहीं भ्रूण में कोई जीन संबंधी दोष तो नहीं है।

रिपोर्ट का दावा है कि इस जांच के बहाने बीजीआई ग्रुप ने बड़ी तादाद में गर्भवतियों का जीन डेटा एकत्र कर लिया है। जीन डेटा में महिला की उम्र, वजन, लंबाई व जन्म स्थान की जानकारी है।

इस आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए वह ऐसे मानव गुणों का पता लगा रहे हैं, जिनसे आगे पैदा होने वाली आबादी के शारीरिक गुणों में बदलाव किया जा सकता है।

अमेरिकी सरकार के सलाहकारों ने रिपोर्ट में कहा कि बड़ी तादाद में जीनोमिक डेटा तक पहुंच के जरिए चीन को आर्थिक और सैन्य लाभ मिल सकता है।

इसके जरिए चीन संभावित रूप से आनुवंशिक रूप से उन्नत सैनिकों को विकसित कर सकता है।

ये ऐसे सैनिक हो सकते हैं जिन्हें ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करने पर सुनने व सांस लेने की क्षमता में अंतर नहीं आएगा।

इसके अलावा, सलाहकारों को यह भी लगता है कि इस डाटा के जरिए चीन फार्मा क्षेत्र में वैश्विक दबदबा बनाकर या खाद्य आपूर्ति को निशाना बनाकर अमेरिका के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।

बन चुकी है फिल्म

चीन कथित रूप से जिस तरह की सेना बनाने को लेकर काम कर रहा है, उस पर 1998 में एक हॉलीवुड फिल्म बनायी जा चुकी है।

सोल्जर शीर्षक से बनायी एक साइंस फिक्शन में जीन लक्षणों की इंजीनियरिंग के जरिए बेहद खतरनाक सेना तैयार की गई। इस फिल्म में दिखाए गए सैनिक बहुत अधिक क्षमतावान थे।

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