भारत

तीसरी लहर की संभावना के बावजूद प्रवासी मजदूर वापस आने को तैयार

नई दिल्ली: जैसे ही भारत में कोविड-19 संक्रमण दर में कमी हुई है, कई प्रवासी जो घर लौटे थे, वे अब तीसरी लहर की संभावना के बावजूद वापस आने को तैयार हैं।

सूत्रों ने कहा कि भारत में रहने वाले लगभग 60 प्रतिशत प्रवासी मई और जून में भारत में आई दूसरी लहर के मद्देनजर अपने गृह देशों के लिए रवाना हो गए थे।

हालांकि, अंतराराष्ट्रीय मार्गों पर संचालित सीमित उड़ानें धीरे-धीरे खोली जा रही हैं।

इस बारे में जानकारी एक मंच ने दी। ऐसा मंच है, जो पूर्वी एशियाई समुदाय के साथ मिलकर काम करता है।

कई प्रवासी, विशेष रूप से जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से भारत वापस आना चाह रहे हैं। वर्क वीजा वाले कई प्रवासी चले गए थे।

यहां तक कि जो लोग रुके थे, उन्होंने अपने परिवारों को घर वापस भेज दिया था। लेकिन अब चीजों में सुधार के साथ, वे लौट रहे हैं।

जापान सहित कुछ पूर्वी एशियाई देशों में भी कोविड-19 के मामले बढ़े हैं। इस बीच, भारत कोविड-19 टीकों की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

देश में पिछले 24 घंटों में 31,443 कोविड मामले दर्ज किए हैं। नए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक ट्वीट में कहा कि पॉजिटिविटी दर 2.25 फिलहाल प्रतिशत है।

अब तक 37.7 करोड़ लोगों को टीका लगाया जा चुका है। हालांकि, अभी तक देश में लगभग 7.33 करोड़ का ही पूर्ण टीकाकरण हुआ है।

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