भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर ले जाना चाहिएः मंत्री जावड़ेकर

नई दिल्ली: केंद्रीय उद्यम मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 6 प्रौद्योगिकी नवाचार मंचों का उद्घाटन किया जो भारत में विश्वस्तरीय प्रतियोगी विनिर्माण के लिए तकनीक के विकास पर फोकस करेंगे।

जावडेकर ने कहा कि ये मंच ‘आजादी का अमृत महोत्सव- स्वतंत्रता के 75 वर्षों का उत्सव’ के जश्न के दौरान राष्ट्र को उपहार हैं।

यह पूरे भारत के तकनीकी संसाधनों और संबंधित उद्योगों को काम करने के लिए एक ही मंच पर लाएंगे और भारतीय के सामने उद्योगों आने वाले तकनीकी मुद्दों की पहचान होगी और उसके समाधान की सुविधा भी उपलब्ध करवाएंगे।

मंत्री ने कहा कि इन मंचों पर ‘ग्रांड चैलेंज’ के माध्यम से महत्वपूर्ण स्वदेशी तकनीकी विनिर्माण के विकास की सुविधा प्रदान करेगा जो भारत को एक विश्वस्तरीय प्रतियोगी विनिर्माण क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में मदद करेगी।

इन 6 तकनीकी मंचों का विकास आईआईटी मद्रास, सेंट्रल मैन्युफैक्चरिंग टैक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट (सीएमटीआई), इंटरनैशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी), ऑटोमोटिव रिसर्च असोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), भेल और आईआईएससी बैंगलुरू के साथ एचएमटी ने किया है।

यह मंच भारत में विश्वस्तरीय प्रतियोगी विनिर्माण के लिए तकनीकी के विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

यह मंच उद्योग (ओईएम, प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी और तृतीय श्रेणी की कंपनियों और कच्चे माल के निर्माताओं समेत), स्टार्टअप, डोमेन विशेषज्ञ/पेशेवरों, अनुसंधान और विकास संस्थानों और शिक्षाविदों (कॉलेज और विश्वविद्यालयों) को विनिर्माण तकनीकी के मुद्दों पर तकनीकी समाधान, सुझाव, विशेषज्ञों की राय आदि की सुविधा प्रदान करेंगे।

इसके अलावा, यह अनुसंधान और विकास व अन्य तकनीकी पहलुओं पर ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करेगा।

39000 से ज्यादा छात्र, विशेषज्ञ, संस्थाएं, उद्योग और प्रयोगशालाएं इन मंचों पर पहले ही पंजीकृत हो चुकी हैं।

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