कोरोना प्रोटोकाल के साथ 1 सितंबर से खुलेंगे कोटा के कोचिंग संस्थान

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नई दिल्‍ली: राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने के लिए राजस्थान सरकार की मंजूरी के बाद अब कोटा में कोचिंग संस्थानों को 01 सितंबर से फिर से खोलने के निर्देश दिए गए हैं।

कोचिंग संस्थानों को अपने केंद्रों में छात्रों के बीच कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे।

कोचिंग सेंटर्स ने कहा है कि कि हॉस्‍टल और मेस में बायोमेट्रिक उपस्थिति को रजिस्टर से बदल दिया जाएगा, जिसमें इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) वाले छात्रों को वर्गीकृत करने के लिए एक कॉलम होगा और उन्हें नियमित मेडिकल देखभाल की सलाह दी जाएगी उनकी निगरानी की जाएगी।

देश भर से लगभग 1।75 लाख छात्र हर साल विभिन्न इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए देश के एक प्रमुख कोचिंग हब कोटा में आते हैं। शहर में लगभग 35-40 प्रमुख कोचिंग संस्थान हैं।

लगभग 3,000 छात्रावास और मेस/ भोजनालय जो इन छात्रों को कमरे में रहने और खाने के लिए यहां मौजूद हैं, वे यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं।

हालांकि, कोरोना महामारी के चलते यह सारा काम बुरी तरह से प्रभावित था।

संस्थानों ने कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि टीकाकरण और कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसलिए, लगभग पूरे स्टाफ, संकायों और 18 वर्ष से ऊपर के छात्रों को शहर के अधिकांश कोचिंग सेंटरों में टीका लगाया गया है।

जिले के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर में छात्रों के आने पर उनके टीकाकरण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, और जो टीकाकरण नहीं पाए गए हैं उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्‍सीन देने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

कोटा कलेक्टर उज्जवल राठौर ने गुरुवार को कहा कि शहर के कोचिंग संस्थानों को शहर में आने वाले छात्रों की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट और टीकाकरण प्रमाण पत्र की जांच करने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के उप निदेशक को 01 सितंबर से कक्षाओं के फिर से खुलने की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्हें 18 वर्ष से अधिक उम्र के छात्रों के लिए विशेष टीकाकरण शिविर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

कोटा कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने कहा कि शहर के अधिकांश हॉस्‍टल को सेनिटाइज़ कर दिया गया है और मेस में छात्रों की संख्या भी 50 प्रतिशत तक कम कर दी गई है।

उन्‍होंने कहा कि प्रत्येक छात्रावास के टॉप फ्लोर पर एक अलग कमरे को आइसोलेशन रूम के रुप में तैयार किया गया है।

पिछले कुछ दिनों में 20,000 से अधिक छात्र कोटा पहुंचे हैं जबकि वर्तमान में, कोटा में बाहर से 50,000 से अधिक छात्र हैं।

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