राज्यसभा अध्यक्ष ने कृषि कानूनों पर चर्चा की अनुमति दी, गतिरोध जारी रहा

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नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने बुधवार को कृषि कानूनों पर चर्चा की अनुमति दी, लेकिन विपक्ष की मांग के अनुसार नियमों के तहत नहीं।

राज्यसभा अध्यक्ष के फैसले से नाखुश विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी। सभापति ने कहा, जो सांसद विरोध कर रहे है और नाम वासी तख्तियां लिए हुए हैं, उन्हें सदन छोड़ देना चाहिए। लेकिन इसके बाद भी हंगामा जारी रहा और सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्षी सांसदों ने पेगासस मुद्दे पर चर्चा की मांग की लेकिन सभापति ने इस मांग को खारिज कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार संसद को कमजोर कर रही है।

सभापति ने कहा कि मंगलवार को हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों के बाद विधेयकों पर बहस के लिये स्थान आवंटित किया गया है।

सरकार ने बुधवार को सदन में पांच विधेयक पेश किए।

विचार और पारित करने के लिए विधेयक हैं, सीमित देयता भागीदारी (संशोधन) विधेयक 2021, जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक 2021, संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2021, भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण संशोधन) विधेयक 2021, सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021।

तीन विधेयक वित्त मंत्रालय से संबंधित हैं जिन्हें निर्मला सीतारमण पेश करेंगी।

आरएस बुलेटिन में कहा गया है कि जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा विचार के लिए एक विधेयक पेश करेंगे।

संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में संशोधन के लिए अरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जनजातियों की सूची को संशोधित करने पर विचार किया जाएगा।

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को, लोकसभा द्वारा पारित भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 2008 में और संशोधन करने के लिए विधेयक स्थानांतरित करना है।

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