‘एक राष्ट्र एक मानक’ मिशन के तहत देश का पहला संस्थान बना भारतीय रेलवे का RDSO

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे का रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत भारतीय मानक ब्यूरो (​बीआईएस) के ‘एक राष्ट्र एक मानक’ मिशन के तहत मानक विकास संगठन (एसडीओ) घोषित होने वाला देश का पहला संस्थान बन गया है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सुनीत शर्मा ने मंगलवार को एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेल मे यह जानकारी दी।

इस दौरान उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और भारतीय मानक ब्यूरो (​बीआईएस) संस्थान के अधिकारी भी मौजूद थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानकों में एकरूपता लाने के लिए ‘एक राष्ट्र एक मानक’ (वन नेशन वन स्टैंडर्ड) मिशन की शुरुआत की गई है।

इस पर पहली बार सितंबर, 2019 में विचार किया गया था। देश में उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना की तर्ज पर इसकी परिकल्पना की गई थी।

इसका उद्देश्य देश में प्रचलित विभिन्न मानकों को भारतीय मानक ब्यूरो के साथ संबंद्ध करना है।

भारतीय मानक ब्यूरो, भारत में मानकीकरण के लिए एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय निकाय है। ब्यूरो अब तक 20,000 से अधिक उत्पादों को मानक प्रदान कर चुका है।

सरकार के ‘एक राष्ट्र एक मानक’ के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो ने एक योजना शुरू की है जो “एसडीओ की मान्यता” प्रदान करती है। इ

स योजना के माध्यम से बीआईएस का लक्ष्य मौजूदा क्षमताओं व समर्पित डोमेन विशिष्ट विशेषज्ञता को समेकित और एकीकृत करना है, ताकि देश में एक समान मानक तथा वैश्विक बेंचमार्क स्थापित करने में भारत को अग्रणी बनाया जा सके।

इस मिशन का उद्देश्य इन मानकों को बीआईएस के साथ एकीकृत करना है।

भारत में वैश्विक मानक स्तर की प्रयोगशाला परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराने के लिये आधुनिक उपकरणों तथा नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि दूसरे देशों पर गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिये निर्भरता समाप्त हो सके।

आरडीएसओ, लखनऊ रेल मंत्रालय का एकमात्र शोध व विकास (आरएंडडी) विंग है।

यह रेलवे क्षेत्र के लिए मानकीकरण कार्य करने वाले भारत के अग्रणी मानक तैयार करने वाले निकायों में से एक है।

बीआईएस ने आरडीएसओ की मानक निर्माण प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद गत माह 24 मई को आरडीएसओ को एसडीओ के रूप में मान्यता प्रदान की है।

यह मान्यता 3 साल के लिए वैध है और वैधता अवधि पूरी होने के बाद नवीनीकरण की आवश्यकता होगी।

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