अब वेंटिलेशन सिस्टम से लंबे समय तक पीपीई सूट पहनकर पसीना बहाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को राहत

नई दिल्ली: स्वास्थ्य कर्मियों को जल्द ही भारी घुटन भरी पीपीई किट पहनकर घंटों पसीना बहाने से राहत मिल सकती है।

पुणे आधारित एक स्टार्टअप ने पीपीई किट के लिए एक कॉम्पैक्ट और किफायती वेंटिलेशन सिस्टम विकसित किया है, जो पीपीई किट पहनते समय आने वाले अधिक पसीने को रोक सकता है।

एक छोटा सा बदलाव कर पीपीई किट के साथ इस वेंटिलेशन सिस्टम को जोड़ने से ये स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त मात्रा वेंटिलेशन (हवादार माहौल) प्रदान करता है, जिससे न केवल शारीरिक असहजता बल्कि शरीर में संभावित फंगल रोगों को भी रोका जा सकता है।

वॉट टेक्नोवेशंस नाम से एक स्टार्टअप संचालित करने वाले मुंबई के एक इंजीनियरिंग विद्यार्थी निहाल सिंह आदर्श ने सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी) समर्थित प्रोजेक्ट के तहत रिसर्च इनोवेशन इन्क्युबेशन डिजाइन लैबोरेट्री (आरआईआईडीएल) में ‘कोव-टेक वेंटिलेशन सिस्टम’ नाम से एक टेक्नॉलॉजी को विकसित किया है।

केजे सोमैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्र और वॉट टेक्नोवेशंस के संस्थापक को प्रोटोटाइप विकास और उत्पाद नवाचार के लिए भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से निधि के प्रोमोटिंग एंड एक्सेलरेटिंग यंग एंड एस्पायरिंग टेक्नॉलॉजी एंटरप्रेन्योर्स (पीआरएवाईएएस- प्रयास) के तौर पर 10,00,000 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है।

स्टार्टअप को आरआईआईडीएल और के जे सोमैया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नए उद्यम निवेश कार्यक्रम से समर्थन के रूप में 5,00,000 रुपये भी मिले।

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