कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में नजीर बने ये 14 नायाब तरीके

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्यों, जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों ने कोरोना से कारगर तरह से निपटने के कई ऐसे नायाब उपाय साझा किए हैं, जो अपने आप में मिसाल हैं।

प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी तब मिली जब उन्होंने इन लोगों से 18 मई और 20 मई को कोविड प्रबंधन से जुड़ी सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा तैयारियों पर बातचीत की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महामारी से जंग में नजीर बने ऐसे 14 अनोखे उपायों की सूची साझा की है, जो ये हैं-

1-उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन की मदद से पृथकवास केंद्र और कोविड देखभाल केंद्र की स्थापना और संचालन।

2-मध्य प्रदेश में गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर सामुदायिक पृथकवास और कंटेनमेंट संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के लिए पिछले चुनाव के विजेता जन प्रतिनिधियों और हारे हुए उम्मीदवारों को शामिल किया गया।

3-हरियाणा के गुरुग्राम में कार्यस्थल पर कोरोना टीका केंद्र बनाकर टीकाकरण अभियान चलाया गया।

4-हरियाणा के गुरुग्राम में बेड उपलब्धता, सभी 102 अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरूरत और एंबुलेंस की उपलब्धता जानने के लिए रियल टाइम ट्रैकिंग का डिजिटल पोर्टल जारी किया गया।

5-उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक जगह पर आम लोगों के कोरोना संबंधी सवालों का समाधान करने में काशी कोविड रिस्पांस सेंटर का प्रभावी इस्तेमाल किया गया।

6-तमिलनाडु के चेन्नई में टैक्सी एंबुलेंस की शुरुआत।

7-केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में आयुष मेडिसिन और आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया।

8-छत्तीसगढ़ के जिले जांजगीर चंपा के हाट बाजार में आयुष काढ़ा का वितरण किया गया।

9-महाराष्ट्र के अहमदनगर में सामुदायिक सहयोग से सभी कोविड देखभाल केंद्रों पर टीफिन बॉक्स सेवा शुरू की गई।

10-राजस्थान के बीकानेर जिले में गैर कोविड मरीजों की सेवा के लिए ब्लॉक स्तर पर मोबाइल ओपीडी शुरू की गई। हर अस्पताल में ‘ऑक्सीजन मित्र’ का प्रावधान किया गया ताकि ऑक्सीजन का दुरुपयोग रोका जा सके।

11-उत्तर प्रदेश में रायबरेली में गांवों में घर-घर आरएटी और आरटी-पीसीआर की मदद से कोरोना जांच की गई जिसके कारण एक महीने में कोरोना संक्रमण दर 38 फीसदी से घटकर 2.8 फीसदी हो गई।

12-बिहार के पटना में घर में पृथकवास में रह रहे मरीजों की चिकित्सा संबंधी निगरानी के लिए ‘एचआईटी’ कोविड एप का इस्तेमाल।

13-केरल के अस्पतालों में ऑक्सीजन के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के लिए ‘ऑक्सीजन नर्स’ की सेवा ली जा रही।

14-महाराष्ट्र के मुंबई में भौगोलिक आधार पर वितरित ऑक्सीजन के बफर स्टॉक का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संचालन। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने केंद्रशासित प्रदेशों और राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि वे स्थानीय जरूरतों के मुताबिक इन उपायों को अपना सकते हैं। उन्होंने राज्यों से कोरोना के खिलाफ अपने उन उपायों को साझा करने का अनुरोध किया जिनका अनुसरण किया जा सके।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button