कोरोना टेस्ट की संख्या में आई कमी, स्वास्थ्य मंत्रालय की बढ़ी चिंता

स्वास्थ्य सचिव ने नागालैंड सहित 13 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को लिखा पत्र, कहा टेस्ट की संख्या में कमी न की जाए

नई दिल्ली: एक तरफ जहां देश में कोरोना के नए मामलों में कमी दर्ज की जा रही है वहीं, कई राज्यों में टेस्ट की संख्या में भी कमी आई है। इससे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की चिंताएं बढ़ गई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने नागालैंड सहित 11 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।

इन राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में नागालैंड, सिक्किम, महाराष्ट्र, केरल, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, जम्मू व कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और लद्दाख शामिल हैं।

राजेश भूषण ने नागालैंड को लिखे पत्र में कहा है कि यहां रोजाना लगभग 342 टेस्ट किए जा रहे हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 1250 टेस्ट किए गए। यह टेस्ट काफी कम है। टेस्ट के ये आंकड़े अगस्त महीने से चले आ रहे हैं।

जबकि यहां संक्रमण दर 1.5 प्रतिशत बना हुआ है। टेस्ट की संख्या पिछले एक महीने से जस का तस है। संक्रमण दर अधिक होने के बाद भी टेस्ट की संख्या को नहीं बढ़ाना चिंता का विषय हो सकता है। इसी तरह सभी राज्यों को टेस्ट की संख्या पर ध्यान दिलाया गया है।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button