मुम्बई और दिल्ली से देवघर लौटे प्रवासी श्रमिक

मुम्बई और दिल्ली से देवघर लौटे प्रवासी श्रमिक

देवघर: मुम्बई व दिल्ली में फंसे झारखंड के विभिन्न जिलों के प्रवासी श्रमिक शुक्रवार को स्पेशल ट्रैन से जसीडीह स्टेशन पहुंचे।

इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी विशाल सागर एवं वरीय अधिकारियों के द्वारा सभी श्रमिकों व उनके परिजनों का अभिनंदन किया गया।

इसके बाद बाहर से यहां आने वाले सभी मजदूरों को सर्वप्रथम ट्रैन से शारीरिक दूरी का पालन करते हुए उतारा गया एवं स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बने काउंटर में उनका थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य जांच संबंधी अन्य सभी प्रक्रिया पूरी की गई।

गौरतलब है कि मुम्बई से कुल 1204 प्रवासी श्रमिकों में पलामू के 270, कोडरमा के 16, गढ़वा के 54, दुमका के 190, गिरिडीह के 22, धनबाद के 14, लातेहार के 17, पाकुड़ के 32, सिमडेगा के 28, हजारीबाग के 35, गोड्डा के 85, पश्चिम सिंहभूम के 29, पूर्वी सिंहभूम के 11, गुमला के 58, सरायकेला के 17, साहेबगंज के 14, खूंटी के 5, रांची के 30, लोहरदगा के 16, जामताड़ा के 18, बोकारो के 97, रामगढ़ के 28, चतरा के 14, देवघर के 68, अन्य 36 प्रवासी श्रमिकों का जसीडीह रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य जांच कर स्वागत किया गया।

दिल्ली से कुल 1756 प्रवासी श्रमिकों में गिरिडीह के 542, धनबाद के 65, बोकारो के 180, हजारीबाग के 104, रांची के 114, जमशेडपुर के 26, चाईबासा के 52, सिमडेगा के 54, कोडरमा के 59, पलामू के 92, गढ़वा के 50, चतरा के 29, दुमका के 48, गोड्डा के 128, साहेबगंज के 181 एवं देवघर के 32 श्रमिकों स्पेशल ट्रेन से जसीडीह स्टेशन लाया गया। इस दौरान बाहर से आने वाले सभी मजदूरों के बीच नास्ता, पानी का वितरण करते हुए सभी को 14 दिनों तक गृह एकांतवास का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया गया है।


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