जदयू के कद्दावर नेता रामशरण राय का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

जदयू के कद्दावर नेता रामशरण राय का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

बेगूसराय: 27 वर्षों तक लगातार बागवन पंचायत के मुखिया रहे जदयू के कद्दावर नेता रामशरण राय के निधन से जदयू कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई है।

1978 से 2005 तक बखरी प्रखंड अंतर्गत लौछे एवं बागवान पंचायत के मुखिया रहे रामशरण राय पूर्व शिक्षा मंत्री मिश्री सदा के सहियोगी रहे तथा बखरी ही नहीं, बल्कि बेगूसराय के राजनीतिक और सामाजिक गतिविधि में इनकी अहम भूमिका रही।

बखरी स्थित वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष के साथ चैती दुर्गा पूजा समिति के भी प्रमुख थे।

1994 में जनता दल(ज) के जिले में स्थापक सदस्यों में से एक थे और 1996 में समता पार्टी का पहला जिला सम्मेलन इन्हीं के नेतृत्व में बखरी के प्रिया चित्र मन्दिर में संपन्न हुआ था।

इस सम्मेलन में नीतीश कुमार, वृषण पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर सहित कई नेता शामिल हुए थे।

निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संवेदना जाहिर करते हुए कहा है कि राम शरण राय के निधन से समता पार्टी के साथ गठन के समय से ही जुड़े हुये थे।

वर्तमान में बेगूसराय जिला जदयू कार्यकारिणी के सदस्य भी थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर दु:ख की इस घड़ी में परिजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति और आत्मा की चिर शान्ति दें।

निधन की सूचना मिलते ही जिलेभर से राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ निवास स्थान पर लगनी शुरू हो गई। जहां सैकड़ों लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।

इच्छा के अनुरूप पूरे विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार पैतृक गांव डरहा के ही अपनी जमीन पर किया गया, जहां की पुत्र राजकुमार राय ने मुखाग्नि दी।

मौके पर पूर्व एमएलसी सह जदयू जिलाध्यक्ष भूमिपाल राय, समाजसेवी रजनीकांत पाठक समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

जदयू जिलाध्यक्ष भूमिपाल राय ने बताया समता पार्टी और जनता दल(यू) संगठन में विभिन्न पदों पर रह कर पार्टी को मजबूत करते रहे और वर्तमान में जिला कार्यकारिणी के सदस्य राम शरण राय के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है।

पार्टी में सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत शक्ति वाला एक अभिभावक खो दिया है। बता दें कि रामशरण राय कैंसर से पीड़ित थे तथा लंबे समय से लगातार बीमार चल रहे थे। गुरुवार की देर शाम अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली।


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