डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को करनी पड़ी सांसद का धरना समाप्त कराने की पहल

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को करनी पड़ी सांसद का धरना समाप्त कराने की पहल

गया: पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय को स्वयं जदयू सांसद विजय कुमार मांझी का धरना समाप्त कराने के लिए शनिवार को पहल करनी पड़ी।

गया (सु.) लोकसभा चुनाव क्षेत्र से जदयू सांसद विजय कुमार मांझी गया के बाराचट्टी थाना के एसएचओ कुमार सौरभ के द्वारा तब्बजो नहीं दिए जाने से काफी मर्माहत थे।

सांसद मांझी का कहना था कि एसएचओ को जब भी फोन कर संपर्क करना चाहा।एसएचओ ने सांसद के फोन काल को रिसीव नहीं किया।

सांसद ने शनिवार को एसएचओ को कई बार सरकारी सीम नंबर पर बात करने के लिए रिंग किया। मांझी के अनुसार एसएचओ ने आदतन फिर उनके काल को रिसीव नहीं किया।

जिसके विरोध में सांसद मांझी एसएचओ बाराचट्टी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाना परिसर में धरना पर समर्थकों के साथ बैठ गए।

मांझी के एसएचओ के खिलाफ धरना पर बैठने की सूचना मिलते ही कई मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि बाराचट्टी थाना परिसर में एकत्रित हो गए।

इनमें अधिकांश का कहना था कि एसएचओ किसी के फोन काल को अमूमन रिसीव नहीं करते हैं। थाना परिसर में एसएचओ कुमार सौरभ के खिलाफ सांसद के समर्थकों ने खूब नारेबाजी की।

मांझी की तबियत धरना स्थल पर बिगड़ने लगा। मांझी का इलाज करने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक थाना परिसर पहुंचे।अत्यधिक तनाव के कारण ब्लड प्रेशर लो हो गया था।

मांझी की तबियत बिगड़ने की सूचना फैलते ही क्षेत्रीय राजद विधायक समता देवी धरनास्थल पर पहुंची। विधायक समता देवी सांसद विजय मांझी की सगी बहन है।

एसएसपी राजीव मिश्रा ने पूछे जाने पर बताया कि शनिवार की सुबह सांसद मांझी ने एसएचओ, बाराचट्टी को काल किया था।

एसएसपी ने कहा कि सुबह-सुबह काल आने पर एसएचओ को स्वयं रिंग बैक कर बात करना चाहिए थी।जो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि डीजीपी को सारे घटनाक्रम से अवगत कराया गया।

पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय के संज्ञान में मामला आया। डीजीपी ने सांसद को भरोसा दिलाया कि यदि आरोप सत्य पाया गया तो निश्चित ही विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

सांसद मांझी ने डीजीपी पांडेय के साथ हुई वार्ता और आश्वासन के बाद दोपहर ढाई बजे धरना समाप्त किया।


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