महिलाओं को बांझ बनाने वाले नीतीश बन बैठे हैं जनता के रखवालेः राबड़ी

महिलाओं को बांझ बनाने वाले नीतीश बन बैठे हैं जनता के रखवालेः राबड़ी

पटना: एक तरफ लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए एहतियात बरत रही हैं वहीं बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जैसे-जैसे जोर पकड़ती जा रही है वैसे ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी परवान पर है।

चुनावी मोड में आयी सभी पार्टियां अपनी गोटी सेट करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है।

वहीं विपक्ष लगातार बिहार सरकार पर कभी कोरोना तो कभी बाढ़ को लेकर हमलावर है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सीएम नीतीश कुमार को घेरने के लिए कोरोना और बाढ़ से हटकर अलग मामला उठाया है।

राबड़ी देवी ने ट्वीट कर लिखा है कि `याद करो इस निर्दयी सुशासनी सरकार का गर्भाशय घोटाला। इन दरिंदो ने मांओं की कोख भी नहीं छोड़ी। क्या ऐसे अमानवीय लोगों को सत्ता में रहने का अधिकार है ?" राबड़ी देवी ने बकायदा पोस्टर भी शेयर किया है और राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

गौरतलब है कि 2012 में अवैध रूप से महिलाओं का गर्भाशय निकाले जाने की खबरें उस वक्त आम हुई थीं। जिससे पता चला था कि नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत अनियमितता की गई है।

इस पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए पीड़ित महिलाओं को मुआवजा दिलाने की पहल की थी। बाद में राज्य सरकार ने पीड़ित महिलाओं को मात्र 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की थी।


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