जॉन लेविस को बेहतर अमेरिका के ‘संस्थापक’ के रूप में किया गया याद

जॉन लेविस को बेहतर अमेरिका के ‘संस्थापक’ के रूप में किया गया याद

अटलांटा: नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले जॉन लेविस की प्रशंसा लोग बेहतर अमेरिका के ‘संस्थापक’ के रूप में कर रहे हैं। उनकी मौत 80 साल की उम्र में 17 जुलाई को हो गई थी और बृहस्पतिवार को देश के तीन पूर्व राष्ट्रपतियों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

अमेरिकी कांग्रेस में लंबे समय तक सदस्य रहने वाले लेविस ने अपने आखिरी दिनों में एक आलेख लिखा जिसे उन्होंने द न्यूयॉर्क टाइम्स में अपनी अंतिम विदाई के दिन प्रकाशित करने को कहा था।

इस आलेख में उन्होंने नई पीढ़ी को चुनौती देते हुए कहा है कि अब घृणा के भार को खत्म कर दिया जाए। करीब एक सप्ताह तक का लेविस की पार्थिव देह को अलबामा में उनके जन्मस्थान से लेकर देश की राजधानी और फिर अटलांटा में रखा गया, ताकि लोग उन्हें अंतिम विदाई दे सकें।

बृहस्पतिवार को शहर के ऐतिहासिक एबेनेजर बाप्टिस्ट चर्च में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए मास्क पहनकर जुटे। कभी इस चर्च के पादरी मार्टिन लूथर किंग जूनियर रहे थे। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लेविस को ‘ आनंद पूर्ण और मजबूत इरादे’ वाला व्यक्ति बताय।

ओबामा ने विदाई संदेश में निजी और राजनीतिक संदर्भों का इस्तेमाल किया। देश के पहले काले राष्ट्रपति ओबामा ने चेतावनी दी कि लेविस जिंदगी भर वोटिंग अधिकारों और बराबरी की बात करते रहे लेकिन अब इसे उन लोगों से खतरा पैदा हो गया है जो लोगों को मतदान से हतोत्साहित कर रहे हैं।

ओबामा ने लेविस के बारे में कहा कि वह उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने इस देश के मूल्यों को लोगों के और नजदीक ला दिया।

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने लेविस को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि घृणा और डर का जवाब प्रेम और उम्मीद से दिया जाना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति जिमि कार्टर ने भी लिखित रूप से श्रद्धांजलि संदेश भेजे हैं।

वहीं प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने कहा कि ‘‘लेविस हमेशा स्वर्गदूतों के साथ काम करते रहे और अब वे उनके ही साथ हैं।’’ लेविस बिग सिक्स नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं में अंतिम जीवित व्यक्ति थे। वहीं वह 1965 में ‘ब्लडी संडे’ विरोध प्रदर्शन मार्च का नेतृत्व करने के लिए भी जाने जाते हैं। इस विरोध के दौरान अलबामा राज्य के सुरक्षार्मियों ने उनकी बुरी तरह पिटाई की थी।

लेविस की अंतिम विदाई के दिन न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित आलेख में उन्होंने किंग के उपदेशों को याद करते हुए कहा, ‘‘वह कहते थे कि हम जब अन्याय बर्दाश्त करते हैं तो इसका मतलब है कि हम भी गलतियों में शामिल हैं।’’

 


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