रांची के इस अस्पताल में मरीज़ तीन दिन में हुआ पॉजिटिव से निगेटिव, उसी मरीज़ की रिम्स में रिपोर्ट आई फिर से पॉजिटिव

रांची के इस अस्पताल में मरीज़ तीन दिन में हुआ पॉजिटिव से निगेटिव, उसी मरीज़ की रिम्स में रिपोर्ट आई फिर से पॉजिटिव

न्यूज़ अरोमा रांची: रांची सहित देश भर में कोरोना मरीजों के बढ़ने का असर कहीं न कहीं आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। ये हालात हम हमेशा अख़बार से लेकर सोशल मिडिया सभी जगह सुन और देख रहे रहे हैं।

लेकिन अभी जो हम आपको बताने वाले हैं वो आपको चौंका देगा और शायद आप इस परेशानी से रु-ब-रु होकर थोड़े परेशान भी होंगे और मन में बहुत से सवाल भी आयेंगे।

पलामू के लेस्लीगंज निवासी मनोज कुमार अपनी मां को लेकर रांची के रिम्स पहुंचते हैं। वहां वो डॉक्टर से मिलते हैं बेहोश मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थी।

डॉक्टर कहते हैं यहां कोई भी बेड खाली नही हैं इसके बाद बेटा असमंजस में पड़ जाता है। वो बहुत देर तक इधर उधर कई तरह से अपनी मां का इलाज कराने के लिए भटकता रहता है लेकिन किसी भी तरह इस परेशानी का हल नही निकलता है।

इधर जैसे-जैसे एंबुलेंस का चालक ऑक्सीजन खत्म होने की बात कहता है मनोज की और परेशानी बढ़ने लगती है वो और भी परेशान हो जाता है। इसके बाद एक पत्रकार से मुलाक़ात होती है और उस पत्रकार की कोशिश पर मरीज़ को जैसे तैसे भर्ती किया जाता है। इससे पहले जो होता है वो चौंकाने वाला है।

मनोज पलामू के लेस्लीगंज के रहने वाले हैं मनोज ने बताया कि 8 सितंबर को एक मोटरसाइकिल वाले ने उनकी मां को ठोकर मार दी थी।

सिर में गहरी चोट लगी थी। 8 को ही उसने मां को राज अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका कोरोना का टेस्ट हुआ। 10 सितंबर को उनका कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आया।

मनोज ने बताया कि वह गांव में जमीन बेच कर मां के इलाज में 2-3 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। 13 को निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद राज अस्पताल से उसकी मां को रिम्स भेजा गया।

लेकिन रिम्स लाने के बाद फिर से उसे पॉजिटिव बताकर ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। हालांकि कोशिश के बाद ट्रॉमा सेंटर में एक मरीज डिस्चार्ज होने पर उन्हें भर्ती कर लिया गया।


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