रांची में सहायक पुलिसकर्मी चौथे दिन भी मोरहाबादी में हड़ताल पर रहे

रांची में सहायक पुलिसकर्मी चौथे दिन भी मोरहाबादी में हड़ताल पर रहे

न्यूज़ अरोमा रांची: राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के ढाई हजार सहायक पुलिसकर्मी मंगलवार को चौथे दिन भी मोराबादी मैदान में डटे हुए हैं। मौके पर सहायक पुलिस कर्मी सतीश कुमार ने बताया कि बार-बार सीएम से मिलाने की बात कह कर उन्हें सीएम से नहीं मिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम लोग चार दिनों से मोरहाबादी मैदान में रह रहे है।

हमारे पास ना रहने का छत है, और ना खाने को खाना । पानी भी खरीदकर पीना पड़ रहा है। बावजूद इसके जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तब तक हम लोग मोरहाबादी मैदान में डटे रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को सहायक पुलिस कर्मी सीएम आवास को घेराव करने जा रहे थे। हालांकि उन्हें राजभवन और सीएम आवास के पहले ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया था।

रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने आंदोलनकारी सहायक पुलिस कर्मियों से बातचीत की। बातचीत में आश्वासन मिलने के बाद सहायक पुलिस कर्मी वापस मोरहाबादी मैदान लौट गए थे।

इसके बाद देर शाम घेराव करने जा रहे 1020 सहायक पुलिसकर्मियों पर लालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इसमें कोविद- 19 का उल्लंघन करने, धारा 144 का उल्लंघन करने और कोरोना संक्रमण फैलाने सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। स्थायीकरण की मांग को लेकर 7 सितंबर से सहायक पुलिस कर्मी हड़ताल पर चल रहे हैं।

2017 में राज्य के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में 25 सहायक पुलिस कर्मियों की 10000 रुपये मानदेय पर नियुक्ति की गई थी।

सहायक पुलिस कर्मियों का कहना है कि नियुक्ति के समय में बताया गया था कि 3 साल बाद उनकी सेवा स्थाई हो जाएगी। लेकिन 3 वर्ष पूरा होने के बाद भी किसी का स्थायीकरण नहीं हुआ है। इसी मांग को लेकर सहायक पुलिस कर्मी हड़ताल पर हैं।


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