सामूहिक ताकत से हम भी अपने संकल्पों को प्राप्त करें: पीएम मोदी

सामूहिक ताकत से हम भी अपने संकल्पों को प्राप्त करें: पीएम मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत उत्सवों का देश है और ये उत्सव लोगों को आपस में जोड़ते हैं। उन्होंने विजयदशमी के मौके पर देश की भलाईके लिए हर नागरिक से एक संकल्प लेने का आह्वान भी किया।

उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुएसंकल्पों को पूरा करने के लिएइन्हें आंदोलन में बदलने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने दशहरा पर दिल्ली के द्वारका स्थित डीडीए मैदान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने एक उंगली पर गोवर्धन उठाया था, लेकिन ग्वालों को उनकी ताकत का अहसास कराया था। राम ने समुद्र में पुल *बनाया, लेकिन जंगल में अपने साथियों के साथ द्वीप भी बनाया।

सामूहिक ताकत से हम भी अपने संकल्पों को प्राप्त करें। पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि हम सभी अपने अंदर के रावण को खत्म करें, तभी सही मायने में उत्सव मनाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समय रहते हुए हमने हर पल अपने भीतर की आसुरी शक्ति को परास्त करना भी उतना ही जरूरी होता है। तभी हम राम की अनुभूति कर सकते हैं।

प्रभु राम की अनुभूति करने के लिए हमें भीतर की शक्ति को सामर्थ्य देते हुए भीतर की कमियों और आसुरी प्रवृत्ति को नष्ट करना ही हमारा सबसे पहला दायित्व बनता है।

मोदी ने कहा कि आज विजयादशमी का पर्व है और वायुसेना का भी जन्मदिन है। वायुसेना पराक्रम की ऊंचाइयां प्राप्त कर रही है।

जब भगवान हनुमान को याद करते हैं, तब विशेष रूप से वायुसेना और उनके जांबाज जवानों को याद करें। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।

प्रधानमंत्री ने मन की बात के दौरान घर की लक्ष्‍मी पर उनकी चर्चा का स्‍मरण करते हुए इस दिवाली में हमारी नारी शक्ति की उपलब्धियों को मनाने की अपील की। उन्‍होंने कहा कि आज विजयादशमी भी है और वायु सेना दिवस भी।

उन्‍होंने कहा कि भारत को अपनी वायु सेना पर असीम गर्व है। ऐसे समय जब हम महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं, प्रधानमंत्री ने इस विजयादशमी पर एक आग्रह किया।

उन्‍होंने लोगों से इस वर्ष एक मिशन आरंभ करने और उसे पूरा करने पर काम करने को कहा। यह मिशन – खाना बर्बाद न करने, ऊर्जा संरक्षित करने, जल बचाने का हो सकता है।

उन्‍होंने कहा कि अगर हम सामूहिक भावना की शक्ति को समझना चाहते हैं, तो हमें निश्चित रूप से भगवान श्रीकृष्‍ण और भगवान श्री राम से प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी द्वारा आयोजित रामलीला का अवलोकन किया। उन्‍होंने कार्यक्रम के दौरान बुराई पर अच्‍छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों को जलाए जाने का भी अवलोकन किया।


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