मोदी की सिर्फ चार रैलियों से बीजेपी को हरियाणा जीतने का भरोसा

मोदी की सिर्फ चार रैलियों से बीजेपी को हरियाणा जीतने का भरोसा

चंडीगढ़ : बीजेपी की हरियाणा इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ज्यादा से ज्यादा रैलियों की मांग की है। हालांकि मोदी ने कहा है कि राज्य के लिए अगले हफ्ते से शुरू हो रही उनकी 4 रैलियां पर्याप्त होंगी।

यह दिखाता है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को राज्य में जीत का पूरा भरोसा है। दरअसल पीएम मोदी की चारों रैलियों को इस तरह रखा गया है, जिससे राज्य के ज्यादातर इलाकों को कवर किया जा सके।

पीएम की पहली जनसभा 14 अक्टूबर को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में होगी। इसके बाद 15 अक्टूबर को थानेसर (कुरुक्षेत्र) और दादरी में उनकी रैली होगी।

मोदी की आखिरी रैली 18 अक्टूबर को जाट बहुल इलाके हिसार में होगी। दादरी से बीजेपी ने ओलंपिक मेडल विजेता बबीता फोगाट को उम्मीदवार बनाया है।

पार्टी के सीनियर कार्यकर्ता ने बताया, पीएम मोदी ने हरियाणा के जाट बहुल इलाके रोहतक में एक महीने पहले ही रैली कर चुनावी अभियान शुरू कर दिया था, एक और जाट बहुल इलाके हिसार में रैली के साथ समाप्त होगा।

मोदी की हर रैली में 15-20 विधानसभा सीटों और इतने ही उम्मीदवारों को कवर कर इसमें भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। बीजेपी अपना संकल्पपत्र (घोषणा पत्र) भी इसी हफ्ते जारी करेगी।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को कैथल से चुनावी अभियान की शुरुआत करने वाले और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हरियाणा में करीब एक दर्जन रैलियों को संबोधित करने वाले है।

मोदी के अभियान में मनोहर लाल खट्टर सरकार का भ्रष्टाचार-मुक्त शासन, केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में राज्य का शानदार प्रदर्शन और भूपिंदर हुड्डा और ओमप्रकाश चौटाला जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के `दागदार रिकॉर्ड` जैसे मुद्दे को उठाए जाने की उम्मीद है।

बीजेपी सरकार की ओर से राज्य में रिकॉर्ड संख्या में दिए गए रोजगार के अलावा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के मुद्दे को भी मोदी जोर-शोर से उठाएंगे।

रोहतक में प्रचार अभियान पर आए बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने बताया, सेना में सबसे ज्यादा जवान हरियाणा भेजता है। इसकारण राज्य के लोग जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के फैसले से काफी खुश हैं।

पार्टी को उम्मीद है कि आर्टिकल 370 के मुद्दे से जाट वोटरों को उसके पक्ष में लाने में मदद मिलेगी, जिनकी राज्य में अच्छी-खासी आबादी है।

बीजेपी की नजर कांग्रेस के घोषणापत्र में किए जाने वाले दो बड़े वादों पर भी है,जो 11 अक्टूबर को जारी होगा। इसमें किसानों का कर्जमाफी और सभी वरिष्ठ नागरिकों को 5100 रुपये का मासिक पेंशन शामिल है।

हरियाणा में इन वादों का मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसा असर नहीं होगा। यहां कांग्रेस पूरी तरह से बंटी हुई है और उसके पास लोगों को देने के लिए कुछ भी नया नही हैं।`


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