राघवेंद्र को-ऑपरेटिव बैंक पर भी आरबीआई ने कसा शिकंजा

राघवेंद्र को-ऑपरेटिव बैंक पर भी आरबीआई ने कसा शिकंजा

नई दिल्‍ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पंजाब एंड महाराष्‍ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के बाद एक और सहकारी बैंक पर अपना शिकंजा कस दिया है।

बेंग्‍लुरु स्थित श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक पर आरबीआई ने मंगलवार को कई तरह की पाबंदियां लगा दी। साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा है कि खाताधारकों की जमा राशि सौ फीसदी सुरक्षित है।

बैंक के ग्राहक अपने खाते से सिर्फ 35 हजार रुपये निकाल सकेंगे। यह बैंक अगले छह महीने तक रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना न तो कोई नया लोन दे सकता है और न कोई निवेश कर सकता है।

रिजर्व बैंक ने अपने बयान में कहा है कि उसने बैंक का लाइसेंस अभी रद्द नहीं किया है।

आरबीआई ने कहा है कि जब तक बैंक की मौजूदा वित्तीय हालात नहीं सुधर जाती, तब तक यह बैंक पाबंदियों के दायरे में बैंकिंग कामकाज का संचालन करेगा।

बता दें कि 10 जनवरी, शुक्रवार को कामकाज बंद होने के बाद से बैंक पर ये पाबंदियां लागू है।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि किसी भी बचत खाते, चालू खाते या किसी अन्य खाते में चाहे कितनी भी रकम जमा हो, लेकिन 35 हजार रुपये से अधिक की निकासी नहीं हो सकती है।

उल्‍लेखनीय है कि ऐसी ही पाबंदिया रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर भी लगाई थी।


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