बेगूसराय में NTPC के विस्तार के लिए लहलाती फसल उजाड़ी, किसानों में आक्रोश

बेगूसराय में NTPC के विस्तार के लिए लहलाती फसल उजाड़ी, किसानों में आक्रोश

बेगूसराय : बिहार सरकार एक तरफ जल-जीवन-हरियाली अभियान चला रही है तो वहीं रामदीरी, मरांची, चकबल्ली, जगतपुरा के किसानों की फसल को एनटीपीसी एशयार्ड बनाने के लिए उजाड़ा जा रहा है, जिससे किसानों में काफी आक्रोश है। किसानों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को त्राहिमाम संदेश देकर गुहार लगाई है।

मंगलवार को रामदीरी के अभिजीत मुन्ना, अमित रौशन, मोनू गौतम और राहुल कुमार आदि ने बताया कि किसानों के पास जमीन की रसीद है, कागजात हैंं, कोर्ट में मामला लंबित है, लेकिन जबरन पुलिस के बल पर किसानों के लहलहाते फसल को उजाड़ा जा रहा है।

किसानों की लहलहाती फसल पर जेसीबी चल रही है। कसहा दियारा की अति उपजाऊ पांच सौ एकड़ जमीन एनटीपीसी के हाथों बेच दिया गया है, जिस पर कचरा निस्तारण किया जायेगा।

गरीब किसान बेहाल हैं, किसान रो रहे और गिड़गिड़ा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। न जिले के सांसद, न विधायक। जिला प्रशाशन से लेकर सरकार भी चुप है।

किसानों का कहना है कि अगर यहां कचरा का निस्तारण किया गया तो आस-पास की दो हजार एकड़ जमीन बंजर हो जाएगी। बाढ़ और हवा से 12 किलोमीटर के एरिया में यह कचरा पहुंचेगा, पानी में केमिकल घुलेंगे।

वैसे ही गंगा का किनारा कैंसर जोन बना है, इससे परेशानी और बढ़ेगी, चर्म रोग फैलेगा, सांस की बीमारी बढ़ेगी। रिफाइनरी और थर्मल के कारण किसान पहले से ही परेशान थे।

अगर ये कचरा निस्तारण कसहा दियारा में हुआ तो पूरा रामदीरी गांव बर्बाद हो जाएगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से आसपास के किसान परेशान हैं।

इस संबंध में एनटीपीसी बरौनी के जनसंपर्क अधिकारी दिनकर शर्मा ने बताया कि पूर्व में ही बिहार सरकार ने वहां की सरकारी जमीन के साथ किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

इसके लिए किसानों को मुआवजा भी दिया गया है। कोर्ट ने भी सरकार के पक्ष में फैसला दिया। कुछ जमीन जमीन को लेकर मामला कोर्ट में फंसा है।

एनटीपीसी को यह जमीन बीटीपीएस ने हस्तांतरित की है, जिसके बाद प्रोजेक्ट पर प्रशासनिक सहयोग से काम शुरू किया गया है।


ख़बरें दबाव में हमेशा आपके हितों से समझौता करती रहेंगी। हमारी पत्रकारिता को हर तरह के दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

HELP US

news aroma