बदलते भारत में नया अध्याय जोड़ने के लिए छोटे-छोटे शहरों का उदय जरूरी: प्रधानमंत्री

बदलते भारत में नया अध्याय जोड़ने के लिए छोटे-छोटे शहरों का उदय जरूरी: प्रधानमंत्री

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बदलते भारत में नया अध्याय जोड़ने के लिए सरकार छोटे-छोटे शहरों के उदय पर जोर दे रही है। देश में छोटे शहरों के विकास से ही देश आगे बढ़ेगा।

पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय के सपने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को अगली कतार में लाने के लिए सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। बजट में भी ढ़ाचागत विकास के लिए 100 करोड़ रुपये छोटे शहरों के खाते में आयेंगे।

प्रधानमंत्री रविवार को पड़ाव स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन में 63 फीट ऊंची पं. दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण कर लोगों को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने स्मारक स्थल का अवलोकन करने के बाद यहीं से तीन ज्योर्तिलिंगों को जोड़ने वाले आईआरसीटी की तीसरी कारपोरेट ट्रेन महाकाल एक्सप्रेस को वीडियो लिंक के जरिये हरी झंडी भी दिखाई।

इसके बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 1254 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। लगभग 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर प्रधानमंत्री नें कहा पं. दीन दयाल उपाध्याय के आत्मनिर्भरता और स्वयंसेवी सहायता के विचारों को अपना कर सरकार कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया स्कीम, मुद्रा योजना का आंकड़ों के साथ उदाहरण देकर कहा सरकार समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

50 करोड़ से अधिक देशवासी जिन्हें आज आयुष्मान भारत योजना से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ है, वो 70 वर्षों से विकास के आखिरी पायदान पर रहे लोग ही हैं। देश में 90 लाख गरीब परिवारों को आवास, डेढ़ करोड़ परिवारों को उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन मिला।

प्रधानमंत्री ने गम्भीर होकर कहा आजादी के बाद लंबे कालखंड तक इस आखिरी पायदान को बनाए रखा गया, क्योंकि समस्याओं को सुलझाने में नहीं, उलझाने में राजनीतिक हित सिद्ध होते थे।

अब स्थितियां बदल रही हैं, देश बदल रहा है। जो आखिरी पायदान पर रहा है, उसे अब सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। देश आज वो फैसले भी ले रहा है, जो हमेशा पीछे छोड़ दिए जाते थे।

प्रधानमंत्री ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, अयोध्या में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने,नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी पर लिये गये सरकार के फैसले का उल्लेखकर कहा दुनिया भर के दबाबों के बावजूद हम दृढ़ है और फैसले पर कायम है। देश के लिए ऐसे कार्य आगे भी जारी रहेगा।

प्रधानमंत्री ने हमेशा की तरह अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी में करते हुए कहा कि पड़ाव का यह स्मारक और पंडित दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी, दीन दयाल जी की नैतिकता और विचार युवाओं को प्रेरित करेंगे। प्रधानमंत्री ने आज लोकार्पित होने वाली योजनाओं और इसके लाभ के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि काशी सहित इस पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में हो रहे कनेक्टिविटी के काम आपकी सुविधा के साथ-साथ रोज़गार निर्माण के भी बड़े साधन तैयार कर रहे हैं। विशेषतौर पर पर्यटन आधारित रोजगार, जिसको लेकर काशी और आसपास के क्षेत्रों में बहुत बड़ी संभावना है, उनको बल मिल रहा है।

आज जब भारत में जब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात हो रही है तो पर्यटन उसका अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया भारत के पास हेरिटेज पर्यटन की बहुत बड़ी ताकत है। काशी समेत आस्था से जुड़े तमाम स्थानों को नई तकनीक का उपयोग करके विकसित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा जब काशी में प्रवेश करती हैं, तो वो उन्मुक्त होकर अपनी दोनों भुजाओं को फैला देतीं हैं। एक भुजा पर धर्म, दर्शन और आध्यात्म की संस्कृति विकसित हुई है और दूसरी भुजा इस पार पड़ाव में सेवा, त्याग, समर्पण और तपस्या, मूर्तिमान हुई है।

आज इस क्षेत्र, दीनदयाल जी की स्मृति स्थली का जुड़ना, अपने नाम पड़ाव की सार्थकता को और सशक्त कर रहा है। ऐसा पड़ाव जहां, सेवा, त्याग, विराग और लोकहित सभी एक साथ जुड़कर एक दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 5 वर्षों में वाराणसी जनपद में लगभग 25 हज़ार करोड़ रुपये के विकास कार्य या तो पूरे हो चुके हैं, या काम चल रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर के बाद इतने बड़े पैमाने पर काशी नगरी के लिए काम हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा आज काशी आने वाला हर श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर यहां से जाता है। कुछ दिन पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति भी यहां आए थे, तो यहां के अद्भुत वातावरण, दिव्य अनुभूति से मंत्रमुग्ध थे।

उन्होंने बताया काशी विश्वनाथ धाम में तमाम कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। बहुत ही जल्दी से बाबा का दिव्य प्रांगण एक आकर्षक और भव्य रूप में हम सभी के सामने आएगा। इसी तरह अयोध्या में भी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हो चुका है।

सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल, केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री सुरेश सी अगड़ी, प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, सूक्ष्म लघु उद्यम, खादी, रेशम व हथकरघा मंत्री चौधरी उदयभान सिंह, पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल आदि की खास उपस्थिति रही।

अतिथियों का स्वागत चंदौली के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने किया। सभा में पं. दीन दयाल उपाध्याय के जीवन पर आधारित ​लघु फिल्म भी दिखाई गई।


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