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Thursday, April 15, 2021
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भारत बंद के समर्थन में रहे दिल्ली के वकील, कोर्ट परिसर में की नारेबाजी

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नई दिल्ली: किसानों के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में दिल्ली के वकील भी दिखे।

तीस हजारी कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों ने ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन, नारेबाजी और सभाएं कीं।

वकीलों ने तीन कृषि कानूनों को न सिर्फ किसान विरोधी बताया बल्कि इसे वकील विरोधी भी करार दिया।

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के बैनर तले आज वकीलों ने कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों ने कोर्ट परिसर में नारेबाजी की और कड़कड़डूमा मेट्रो के पास वाले गेट के पास सभा की।

सभा के दौरान ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के दिल्ली स्टेट के सेक्रेटरी सुनील कुमार ने कहा कि कृषि कानून पर कोई चर्चा नहीं की गई बल्कि ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

किसानों की स्थिति पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ये कृषि कानून किसान, मजदूर और वकीलों के खिलाफ है।

इसमें विवाद होने की स्थिति में एसडीएम को अधिकार दिया गया है, किसी कोर्ट में ये मामला नहीं जाएगा।

उन्होंने कांट्रैक्ट खेती का विरोध करते हुए कहा कि किसानों की फसलों की गुणवत्ता कारपोरेट तय करेंगे।

इस मौके पर शाहदरा बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष घनश्याम नागर ने केंद्र सरकार को कारपोरेट घरानों की कठपुतली करार दिया।

इस मौके पर तीस हजारी कोर्ट में भी ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के बैनर तले भारी संख्या में वकीलों ने किसानों के समर्थन में सभा किया।

तीस हजारी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नसियार ने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्र सरकार का रवैया चिंता का विषय है।

किसानों के समर्थन में वकील बिरादरी खड़ी है। कृषि कानून न तो किसानों के हित में है और न ही वकीलों के हित में है।

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