गुमला में रात्रि पाठशाला का शुभारंभ

रात्रि पाठशाला अब आंदोलन का रूप ले चुका है : डा.अरुण उरांव

गुमला: बिशुनपुर प्रखंड स्थित झखराकुंबा भवन में कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला की विधिवत शुरुआत की गयी। मुख्य अतिथि पूर्व आईपीएस डा. अरुण उरांव विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता भिखारी भगत, मंडल अध्यक्ष केदार साहू, तेंबु उरांव, रवि पहान, मुखिया राजमुनी उरांव व इंदु देवी आदि अतिथियों ने समारोह पूर्वक इसका शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को रात्रि पाठशाला की अवधारणा के विषय में बताते हुए डा. अरुण उरांव ने कहा कि लगभग पांच वर्ष पूर्व उन्होंने पढ़े लिखे आदिवासी युवक युवतियों द्वारा नि:स्वार्थ समाजसेवा के भाव से मांडर प्रखंड के उचरी गांव में प्रथम कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला की शुरुआत कराई थी।

रात्रि पाठशाला में गांव के ही पढ़े लिखे नौजवान विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को शाम में लगभग दो घंटे शिक्षादान कर निःशुल्क पढाई कराते हैं। रात्रि पाठशाला के सफलतापूर्वक संचालित होने पर उनके द्वारा कंप्यूटर उपहार स्वरूप दिया जाता है।

जहां गांव के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा हासिल करते हैं। साथ ही ग्रामीण महिलाओं के लिए निःशुल्क सिलाई-कटाई प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाती है।

भिखारी भगत ने कहा कि बिशुनपुर प्रखंड सुदूरवर्ती इलाका है। ऐसे में रात्रि पाठशाला खुलने से यह क्षेत्र के पढ़ने वाले योग्य बच्चों के लिए एक वरदान साबित होगा।

जहां से वह अच्छी शिक्षा ग्रहण कर ऊंची उड़ान के लिए हौसला प्राप्त कर सकते है। इससे पूर्व कार्तिक उरांव की तस्वीर पर अतिथियों के द्वारा माल्यार्पण किया गया एवं गांव की महिला मंडल की महिलाओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया।

इस इस मौके पर मांडर, घाघरा ,बिशुनपुर , सेरका के रात्रि पाठशाला के शिक्षकों को डॉक्टर अरुण उरांव ने नि: शुल्क शिक्षा देने के लिए धन्यवाद दिया।

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