पद्म पुरस्कार 2021 : गोगोई, केशुभाई, पासवान और मृदुला सिन्हा सहित 60 हस्तियां सम्मानित

शिंजो आबे, बीबी लाल और सुमित्रा महाजन भी शामिल

नई दिल्ली: असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।

साथ ही गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा को मरणोपरांत पद्मश्री दिया गया। इसके अलावा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और पुरातत्वविज्ञ प्रो. ब्रज बासी लाल सहित अनेक हस्तियों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में 2021 के नागरिक अलंकरण समारोह- I में चार पद्म विभूषण, पांच को पद्म भूषण और 51 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया।

शेष पुरस्कार शाम को दूसरे सत्र में प्रदान किए जाएंगे। समारोह में जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे शिंजो आबे सहित कुल सात लोग अनुपस्थित रहे।

राष्ट्रपति ने चिकित्सा के लिए कर्नाटक के डॉ. बेल्ले मोनप् पहैगड़े, पुरातत्वविज्ञान के लिए दिल्ली के प्रो. ब्रज बासी लाल, ओडिशा के वयोवृद्ध मूर्तिकार सुदर्शन साहू को समारोह में पद्म विभूषण प्रदान किया।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी डॉली गोगोई ने पुरस्कार ग्रहण किया। सामाजिक नेता और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक राम विलास पासवान को राष्ट्रपति ने मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके बेटे चिराग पासवान ने पुरस्कार ग्रहण किया।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को लोक कार्य के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके बेटे भरत पटेल ने पुरस्कार ग्रहण किया। इसके अलावा 16वीं लोकसभा अध्यक्ष और भारत की पहली 8 बार की महिला सांसद सुमित्रा महाजन और सिविल सेवा के लिए नृपेंद्र मिश्रा को भी पद्म भूषण प्रदान किया।

गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा (मरणोपरांत), मायड़ भाषा के साहित्यकार डॉ. अर्जुन सिंह शेखावत, प्रोफेसर राम यत्न शुक्ला, प्रसिद्ध असमिया गायक दूलाल मान्की, प्रो. जयभगवान गोयल और लिज्जत पापड़ सहकारी की संस्थापक सदस्य जसवंतीबेन जमनादास पोपट और बास्केटबॉल खिलाड़ी पी. अनीथा, उस्ताद गुलफाम अहमद, लखिमी बरुआ, रजनी बेक्टर, गोपीराम बरगायन बुढ़ाभकत, सुजीत चटर्जी, छुलटिम छोन्जोर, दुलारी देवी, दादुदान गढवी (मरणोपरांत), डॉ. अंशु जामसेनपा, पूर्णमासी जानी, नामदेव चंद्रभान कांबले, डॉ. रजत कमार कर, प्रकाश कौर, के. केसवसामी, लाजवन्ती, प्रो रतन लाल, लाखा खां मंगनियार, डॉ. चंद्रकांत मेहता, केतप्रं दामोदरन नंबूतिरि, डॉ. चद्रकान्त संभाजी पांडव, प्रो जितेन्द्र नाथ पांडे (मरणोपरांत), प्रो सुन्दरम पाप्पैया, डॉ. बीरुबाला राभा, अन्नवरपू रामस्वामी, बम्बई जयश्री रामनाथ, डॉ. धनंजय दिवाकर सगदेव, डॉ. भूपेन्द्र कुमार सिंह संजय. प्रो. चमन लाल सप्रू (मरणोपरांत), हनजबम ओंबी राधे शर्मीं, जितेद्र सिंह शंटी, सुधा सिंह, गुरु मा कमली सोरोन, पी. सुब्हमण्यन (मरओमपरांत), डॉ, वी, थिरुवेगंडम (मरणोपरांत), डॉ. कपिल तिवारी, के. वाई, वेंकटेश और लेफ्टिनेंट कर्नल काजी सज्जाद अली जाहिर (सेवानिवृत्त) को पद्म श्री 2021 पुरस्कार प्रदान किया।

इस मौके पर राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आयोजित अलंकरण समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्मश्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

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