पारा शिक्षकों ने कहा- हेमंत सरकार भी रघुवर दास की तानाशाही स्टाइल में जारी किया तुगलकी फरमान, बिना डरे करेंगे झारखंड विधानसभा का घेराव

न्यूज़ अरोमा रांची: Para Teacher News 65000 पारा शिक्षक 15 से 19 तारीख तक झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सरकार के पत्र का जवाब देते हुए कहा की हक की लड़ाई बिना डरे इस तुगलकी फरमान का विरोध करते हुए की जायेगी।

15 से 19 मार्च 2021 को झारखंड के तमाम पारा शिक्षक अपने स्थायीकरण व वेतनमान सहित वर्तमान की कई समस्याओं की पूर्ति हेतु विधानसभा घेरेंगे।

पारा शिक्षकों ने कहा है कि राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी पत्र (संलग्न) लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या का नमूना है।

हम बिना इस फरमान से डरे तमाम पारा शिक्षक अपने जिलावार शिड्यूल के अनुसार विधानसभा घेराव में शामिल होंगे।

Adult Jharkhand wakes up to hooliganism of teachers and high handedness of administration | Ranchi News - Times of India

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की राज्य इकाई मुख्यमंत्री से मांग करती है कि आप अपना वायदा पूरा करें न कि रघुवर दास की तानाशाही स्टाइल में दमनकारी रवैया अपनाएं।

राज्य के पारा शिक्षक शौकिया तौर पर आंदोलन नहीं करते हैं बल्कि सरकार जब आंदोलन के पश्चात संगठन से वार्ता कर मांगों की पूर्ति का समझौता करती है और वो मांग पूरा नहीं करती है तब मजबूरी में आंदोलन होता है।

बार-बार मुख्यमंत्री और विभागीय पदाधिकारी से संपर्क होने के बाद भी एक आश्वासन ही मिलता गया।

Jharkhand Para Teachers Continuously Doing Protest For Their Demands - पारा शिक्षकों को दिया गया अल्टीमेटलम खत्म, आंदोलन की राह पर डटे हुए पारा शिक्षक | Patrika News

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुनाव के समय वादा किए थे कि जैसे ही हमारी सरकार बनेगी तीन माह के अंदर राज्य के पारा शिक्षकों को स्थाईकरण और वेतनमान देते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा।

लगभग 14 माह हो गया, लेकिन आज तक सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया है की सरके अपना वादा करते हुए राज्य के 65000 पारा शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करे।

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की राज्य इकाई के सदस्य बिनोद बिहारी महतो, संजय कुमार दुबे, हृषिकेश पाठक, प्रमोद कुमार, दशरथ ठाकुर, मोहन मंडल, प्रद्युम्न कुमार सिंह (सिंटू) ने घोषण की।

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