बेकार पड़ी जमीन 84 जमीन को लीज पर देकर कमाई करेगा रेलवे

नई दिल्ली: रेलवे ने राजस्थान के सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के करीब एक जमीन के लिए टेंडर जारी कर दिया है।

यह रेलवे की जमीन है,इस निजी साझेदार को 45 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा।

फिर जमीन पर निजी साझेदार को कमर्शियल हब तैयार करना है।

माना जा रहा है कि यहां निजी साझेदार एक विशाल मॉल तैयार कर सकता है। इसके अलावा रेलवे ने चेन्नई के तीन अलग-अलग प्लॉट के लिए भी बोली निकाली है।

यह काम रेलवे की कंपनी रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी आरएलडीए कर रही है। आरएलडीए कुल मिलाकर देशभर में रेलवे की 84 जमीन को लीज पर देने वाला है।

माना जा रहा है कि इससे रेलवे की बेकार पड़ी जमीन से कमाई का रास्ता भी खुलेगा और उसकी जमीन का अतिक्रमण भी रुक सकेगा।

आरएलडीए ने देशभर में 62 स्टेशनों के रिडेवलपमेंट का प्लान भी बनाया है। वहीं, आरएलडीए देशभर में 84 रेलवे कॉलोनी को भी रीडेवलप करने जा रहा है।

यह काम भी निजी साझेदारों की मदद से पूरा होगा। इसके अलावा रेलवे की ही एक कंपनी इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी आईआरएसडीसी भी 61 रेलवे स्टेशनों के रीडेवलपमेंट पर काम कर रहा है।

इन स्टेशनों पर कमर्शियल हब, होटल, मॉल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग कंप्लेक्स जैसी चीजें पीपीपी मोड पर तैयार की जाएंगी।

इन स्टेशनों में गांधीनगर, हबीबगंज, नई दिल्ली, मुंबई वीटी, चंडीगढ़, तिरुपति, चारबाग जैसे स्टेशन शामिल हैं।

गुजरात के गांधी नगर और भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का काम भी लगभग पूरा हो गया है। रेलवे का मकसद निजी साझेदारों की मदद से स्टेशन के रिडेवलपमेंट के साथ ही अपनी कमाई में बढ़ोत्तरी करने की है।

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