देश में कोरोना से लड़ने को मिला एक और हथियार

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण के शिकार मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। डीआरडीओ की एंटी कोविड दवा 2-डीजी आज से मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह एंटी कोविड दवा के पहले बैच को जारी करेंगे।

इसके बाद दिल्ली में इस दवा की दस हजार खुराक उपलब्ध हो जाएगी। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में यह दवा मील का पत्थर साबित हो सकती है।

दवा को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने आठ मई को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी थी।

डीआरडीओ की लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज द्वारा एंटी-कोविड दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज को हैदराबाद स्थित डॉक्टर रेड्डी लैब के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

पानी में घोलकर पीने वाली दवा एक सैशे में पाउडर के रूप में मिलेगी। इसे पानी में घोलकर कोरोना मरीजों को दिया जा सकता है।

डीआरडीओ का दावा है कि ग्लूकोज़ पर आधारित इस 2-डीजी दवा के सेवन से कोरोना मरीजों को ऑक्सजीन पर ज्यादा निर्भर नहीं होना पड़ेगा। साथ ही वे जल्दी ठीक हो सकेंगे।

2-डीजी दवा वायरस से प्रभावित सेल्स में जाकर जम जाती है और वायरस सिंथेसिस व एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है।

डीआरडीओ ने बताया कि परीक्षण के दौरान जिन कोरोना मरीजों को ये दवाई दी गई थी, उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट जल्द निगेटिव आई है।

पिछले साल अप्रैल से इस दवा पर काम चल रहा था।

परीक्षण में पाया गया कि कोरोना मरीज 2-डीजी दवा लेने से ढाई दिन पहले ही सही हो रहे थे यानी कि मानक इलाज प्रक्रिया (एसओसी) के मुकाबले 2-डीजी से किए इलाज का अधिक असर दिखा।

डीआरडीओ ने बताया है कि इसे बेहद आसानी से उत्पादित किया जा सकता है।

इसलिए पूरे देश में यह दवा जल्द ही आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

क्योंकि इसमें बेहद जेनेरिक मॉलिक्यूल हैं और ग्लूकोस जैसा ही है।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button