झारखंड में लाखों E-PASS बनने के बाद नियमों में किया गया बड़ा बदलाव

रांची: झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि में थोड़ी कमी जरूर आयी है साथ ही स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है।

ई-पास E-PASS जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 27 मई तक के लिए राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के नाम पर लॉकडाउन कर कई पाबंदियां लागू की गयी है।

लॉकडाउन में घर से निकलने के लिए ई-पास अनिवार्य है। परिवहन विभाग की तरफ से ई-पास जारी किए जा रहे थे।

ई-पास E-PASS जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। ई-पास बनाने में आसानी इतनी ज्यादा हो गई थी कि लोगों ने गाड़ी का नंबर, पता आदि का सही विवरण दिए बिना ही पास बनवा लिए।

जब तक राज्य सरकार सख्त होती तबतक लाखों ई-पास बनकर तैयार हो चुके थे। अब राज्य सरकार ने पास बनने के लिए निर्धारित श्रेणियों में से तीन के लिए ई-पास बनने के पूर्व निबंधित मोबाइल पर ओटीपी आने की व्यवस्था लागू कर दी है।

COVID-19 Lockdown In Haryana; How To Apply For E-Pass/Movement Pass - Gizbot News

अब ई-पास पोर्टल में वेरीफिकेशन का ऑप्शन डाला गया है। अगर आप अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो आपके पास ओटीपी आएगा।

यानी आपके मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से वेरिफिकेशन के बाद ही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होगा।

सफर में मोबाइल साथ लेकर चलें

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन में जो मोबाइल नंबर डाला जाएगा उसका अब वेरिफिकेशन (ओटीपी) होगा। उसके बाद ही ई-पास बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

ओटीपी से बाहर केवल अपने शहर में मूवमेंट वाले कैटेगरी को रखा गया है। अन्य तीनों कैटेगरी में ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है।

सफर में वह मोबाइल नंबर भी आपके साथ होना चाहिए। अब कोई दूसरा व्यक्ति आपके मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकेगा। अब तक ई-पास पोर्टल में वेरिफिकेशन की सुविधा नहीं थी।

इसके तहत इंटर स्टेट, इंटर डिस्ट्रिक्ट और दूसरे राज्य से आने के लिए ई-पास बनने से पहले यात्री के निबंधित मोबाइल पर ओटीपी आएगा और ओटीपी सही तरीके से डालने के बाद ई-पास बनकर मिल जाएगा।

जाने क्यों किया गया बदलाव

जिले के अंदर मूवमेंट के लिए ओटीपी की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।

हालांकि सर्वाधिक ई-पास जिले के अंदर मूवमेंट के लिए ही बन रहे हैं। 19 मई के आंकड़ों को देखें तो 12 लाख पास में से आठ लाख ऐसे ई-पास थे जो जिले की सीमाओं के अंदर ही भ्रमण के लिए बनाए गए थे।

विभिन्न स्तरों पर शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने ई-पास पर नियमों में बदलाव किये हैं।

बता दें कि शिकायतें मिल रही थी कि किसी के मोबाइल नंबर का कोई दूसरा इस्तेमाल कर पास बना ले रहा था। इसी वजह से अभी तक ई-पास में वेरिफिकेशन की सुविधा नहीं थी।

लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है।

झारखंड में कुल चार तरह के ई-पास निर्गत किए जा रहे थे। जिसमें झारखंड से बाहर जाने के लिए, झारखंड के अंदर एक जिला से दूसरे जिला जाने के लिए, जिला के अंदर मूवमेंट के लिए और राज्य के बाहर से झारखंड आने के लिए।

इनमें से जिला के अंदर मूवमेंट के लिए ई-पास बनाने पर ओटीपी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अन्य तीनों कैटेगरी में अब ओटीपी यानि मोबाइल वेरिफिकेशन के बाद ही ई-पास बनेगा।

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