आत्मसमर्पण कर नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुड़ें: एसपी

गुमला: गुमला के पुलिस अधीक्षक हरदीप पी. जनार्दनन के अगुवाई में बिशुनपुर के नक्सल प्रभावित ईलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) की मांद कहे जाने वाले बिशुनपुर के जमटी, कुम्हारी, निरासी, टेमकरचा, बोरहा आदि गांवों में जनार्दनन ने सघन सर्च अभियान चलाया।

उन्हें सूचना मिली थी कि इस इलाके में नक्सलियों का आवागमन जारी है।

गुमला से लातेहार घुसने के लिए नक्सली इसी क्षेत्र के रास्ते का उपयोग करते हैं। इसलिए एसपी इन गांवों में घुसे। जिन स्थानों पर नक्सलियों के ठहरने की सूचना थी। वहां एसपी गये।

हालांकि नक्सली नहीं मिले परंतु एसपी को ग्रामीणों ने बताया कि कभी कभार नक्सली रविंद्र गंझू अपने दस्ते के साथ इन गांवों में आता है।

उल्लेखनीय है कि नक्सली कमांडर रविंद्र गंझू पर पुलिस ने 15 लाख रुपये का इनाम रखा है। एसपी मोटर साइकिल से गांवों में घूमे। वहीं कुछ जंगली इलाके में वे हथियार टांगकर पैदल चले।

अभियान में एसपी के साथ एएसपी बीके मिश्रा, सीआरपीएफ के टू-आईसी दाओ किंडो, थाना प्रभारी बिशुनपुर, जिला पुलिस बल व सीआरपीएफ के जवान थे ।

नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान के दौरान एसपी ने जमटी, कुम्हारी, निरासी, टेमरकरचा, बोरहा गांव के युवक युवतियों से मिलें। ग्रामीणों के साथ बैठक की। एसपी ने युवाओं से कहा कि आप सभी मुख्यधारा से जुड़कर रहे।

आपकी थोड़ी से गलती आपका जीवन बर्बाद कर सकता है। इसलिए नक्सलियों से दोस्ती अच्छी नहीं है। अगर गांव में नक्सली आते हैं तो इसकी गुप्त सूचना पुलिस को दें ताकि पुलिस उन्हें पकड़ सके।

उन्होंने युवाओं को खेल सामग्री देते हुए खेल के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने की अपील किया। एसपी ने कहा कि अब तेजी से विकास के काम हो रहे हैं। हर जगह रोड व पुलों का निर्माण हो रहा है।

इसलिए वे नक्सलियों से अपील करते हैं कि वे अब मुख्यधारा से जुड़कर रहें। अगर सरेंडर करते हैं तो सरकार की तरफ से पूरी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिशुनपुर इलाके के नकुल यादव व मदन यादव ने सरेंडर किया।

आज वे अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। परिवार से उनका मिलना जुलना लगातार हो रहा है। इसलिए दूसरे नक्सली भी नकुल व मदन की तरह सरेंडर करें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर आराम की जिंदगी बसर करें।

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