भारतीय कोच रवि शास्त्री ने T20 विश्व कप के बाद अपने पद से हटने के दिए संकेत

लंदन: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने टी 20 विश्व कप के बाद अपने पद से हटने के संकेत दिये हैं।

अंग्रेजी समाचार पत्र “द गार्जियन” को दिए एक साक्षात्कार में शास्त्री ने कहा कि उन्होंने वह सब कुछ हासिल कर लिया है, जो वह चाहते थे।

शास्त्री ने कहा, ” मैंने वह सब हासिल किया है जो मैं चाहता था, जैसे टेस्ट क्रिकेट में नंबर 1 के रूप में पांच साल, ऑस्ट्रेलिया में दो बार जीतना और इंग्लैंड को उसी की धरती पर हराना।

मैंने इस गर्मी की शुरुआत में माइकल एथर्टन से बात की और कहा, ‘मेरे लिए, ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया को हराना और इंग्लैंड में कोविड के समय में जीत हासिल करना मेरा अंतिम लक्ष्य है।’

हम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 से आगे थे,हमने जिस तरह से लॉर्ड्स और ओवल में खेला, वह विशेष था।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने दुनिया के हर देश को सफेद गेंद क्रिकेट में उनके अपने घर में हराया है।

अगर हम टी 20 विश्व कप जीतते हैं तो यह हमारे लिए एक और उपलब्धि होगी। मैंने अधिक हासिल किया है।

क्रिकेट में मेरे चार दशकों में ऑस्ट्रेलिया को हराना और इंग्लैंड में एक कोविड वर्ष में टेस्ट श्रृंखला में शिकस्त देना, सबसे संतोषजनक क्षण है।”

शास्त्री ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों पर शेड्यूलिंग दबाव को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय टी20 क्रिकेट कम होना चाहिए।

उन्होंने कहा,”मैं कम से कम द्विपक्षीय टी 20 क्रिकेट देखना चाहता हूं। फुटबॉल को देखें।

आपके पास प्रीमियर लीग, स्पेनिश लीग, इतालवी लीग, जर्मन लीग है। वे सभी चैंपियंस लीग के लिए एक साथ आते हैं।

राष्ट्रीय टीमें केवल विश्व कप या विश्व कप क्वालीफाइंग और यूरोपीय चैंपियनशिप, कोपा अमेरिका और अफ्रीका कप ऑफ नेशंस जैसे अन्य प्रमुख टूर्नामेंटों के लिए खेलती हैं।

मुझे लगता है कि टी 20 क्रिकेट को इसी तरह जाना चाहिए। खेल को विभिन्न देशों में फैलाएं, और इसे ओलंपिक में ले जाएं। लेकिन उन द्विपक्षीय खेलों में कटौती करें और खिलाड़ियों को आराम करने, स्वस्थ होने और टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए समय दें।”

बता दें कि रवि शास्त्री 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारती टीम के मुख्य कोच बने थे। शास्त्री का कार्यकाल यूएई में होने वाले टी20 विश्व कप तक है।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button