साल का आखिरी चंद्रग्रहण , दोपहर 1.04 से 5.22 बजे तक रहेगा असर, मंगल आयोजन होते रहेंगे

भोपाल: भारतीय काल गणना यानी ज्‍योतिष में यह बहुत कम ऐसा होता है कि ग्रहण पड़े और सभी मांगलिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।

सोमवार यानी आज दोपहर को चंद्र ग्रहण है, लेकिन इस ग्रहण पर कोई भी मंगल कार्य बाधित नहीं होंगे।

भारत में पूर्णत: नहीं दिखने पर यहां के लोगों पर इसका असर भी नहीं पड़ेगा। यही कारण है कि इस ग्रहण के बावजूद सभी धार्मिक और मांगलिक काम किए जाते रहेंगे।

आचार्य भरत दुबे ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा पर उपच्छाया चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा।

लेकिन इस ग्रहण के दौरान भी सभी धार्मिक और मांगलिक काम किए जा सकेंगे।

उन्‍होंने कहा कि इसका अशुभ असर वृष, मिथुन, सिंह, कन्या और धनु राशि वाले लोगों पर रहेगा। इनके अलावा इस विषय को लेकर ज्‍योतिषाचार्य राकेश चंद्र कुमार सुचित्र रघुनंदन का कहना है कि चंद्र ग्रहण का समय भारतीय समयानुसार दोपहर 1.04 बजे पर एक छाया से पहला स्पर्श के रूप में होगा।

दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर परम ग्रास चंद्र ग्रहण होगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण वृष राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा। मेष, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले लोग अशुभ प्रभाव से बच जाएंगे।

उन्‍होंने कहा कि यह इस वर्ष का आखिरी चंद्रग्रहण रहेगा। इससे पहले ऐसा ही ग्रहण 5 जुलाई को हुआ था, जो भारत में नहीं दिखा था। साथ ही उनका कहना था कि वैज्ञानिक नजरिए से ग्रहण एक खगोलीय घटना है।

जिसका असर मौसम पर पड़ता है, जबकि ज्योतिर्विज्ञान के मुताबिक ऐसे ग्रहण का असर सभी राशियों पर होता है।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button