रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के लिए वर्ष 2025 कई मायनों में खास रहा। इस दौरान संस्थान में चिकित्सा सेवाओं, आधारभूत संरचना, शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े सुधार किए गए। रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य राज्य के लोगों को बेहतर, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए साल भर कई महत्वपूर्ण काम पूरे किए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार
लगभग पांच साल के बाद रिम्स के रेडियोलॉजी विभाग को अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन मिली। यह मशीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन में लगाई गई है, जिससे गंभीर बीमारियों की जांच अब और आसान हो गई है। इसके साथ ही करीब दस वर्षों से अधूरा पड़ा क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
नए भवन और बेड की सुविधा
ऑन्कोलॉजी भवन में 70 बेड की अतिरिक्त सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं, जिससे गंभीर मरीजों को काफी राहत मिली है। मरीजों की जांच सुविधा को बेहतर बनाने के लिए रिम्स में 24×7 पैथोलॉजिकल जांच के लिए सेंट्रल लैब की शुरुआत की गई है।
छात्रों और स्टाफ के लिए सुविधाएं
रिम्स में पढ़ने वाले छात्रों के लिए 500 बेड क्षमता वाला नया छात्रावास भवन तैयार किया गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अंतर्गत बीएसएल-3 लैब का निर्माण कराया गया, जिससे उन्नत जांच संभव हो सकेगी। साथ ही डॉक्टरों, छात्रों और कर्मचारियों के लिए नया कैंटीन भवन भी बनकर तैयार हो गया है।
महिला कर्मियों और मरीजों की सुविधा पर जोर
रात के समय महिला डॉक्टरों, नर्सिंग कर्मियों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रिम्स ने पांच ई-कार्ट खरीदे हैं। डेंटल मरीजों के लिए भी अच्छी खबर रही। डेंटल इंस्टीट्यूट के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में नया ओटी कॉम्प्लेक्स तैयार किया गया है।
अतिक्रमण हटाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिम्स की अतिक्रमित भूमि को खाली कराया गया और वहां चहारदीवारी का निर्माण शुरू किया गया। संस्थान के गेट संख्या 1 और 2 का निर्माण भी पूरा हो चुका है। जनहित याचिका के तहत लगभग नौ एकड़ जमीन को जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
प्रशासनिक सुधार और नई भर्तियां
वर्ष 2025 में प्रशासनिक और मानव संसाधन के क्षेत्र में भी कई सुधार हुए। क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के लिए डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल सहित कुल 103 नए पद सृजित किए गए। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिम्स परिसर में 1136 सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। कई कर्मचारियों को पदोन्नति और वित्तीय लाभ भी दिए गए।
2026 के लिए बड़ी योजनाएं तैयार
निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 में रिम्स को और बेहतर बनाने की तैयारी है। दवा और सर्जिकल सामग्री की कमी न हो, इसके लिए हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड चलाया जाएगा। खाली पदों पर नियुक्तियां होंगी और एमबीबीएस, पीजी, नर्सिंग व सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है।
भविष्य में और बेहतर रिम्स का सपना
- आने वाले समय में ट्रॉमा सेंटर का विस्तार, नए आईसीयू और ओटी भवनों का निर्माण किया जाएगा। कैंसर मरीजों के लिए लिनैक मशीन लगाने की योजना है। साथ ही सुरक्षा के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम और गैस पाइपलाइन जैसी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। निदेशक ने कहा कि रिम्स पारदर्शिता और जनहित को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है और भविष्य में इसे पूर्वी भारत का एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान बनाने का प्रयास जारी रहेगा।




