रांची/लंदन: झारखंड के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लंदन के वेस्टमिंस्टर चैपल स्थित सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने झारखंड के गौरवशाली इतिहास, आदिवासी संघर्ष, शिक्षा के महत्व और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ब्रिटेन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग और प्रबुद्ध नागरिक भी मौजूद रहे।
झारखंड का इतिहास और संघर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड भले ही क्षेत्रफल में छोटा हो, लेकिन इसका इतिहास संघर्ष और बलिदान से भरा है। भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, फूलो-झानो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान व्यक्तियों ने इस धरती को पहचान दी। उन्होंने कहा कि इतिहास लिखना और पढ़ना आसान है, लेकिन इतिहास बनाना कठिन होता है, और झारखंड का इतिहास इसी संघर्ष की देन है।

शिक्षा और युवाओं पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। झारखंड में ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही तकनीकी, मेडिकल और प्रोफेशनल शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नए अवसर खोले गए हैं, ताकि युवा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।
छात्रों के लिए आर्थिक सहयोग
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि छात्रों को बिना किसी गारंटी के 15 लाख रुपये तक की सहायता कम ब्याज दर पर दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने कहा कि विदेश भेजे गए छात्र केवल आर्थिक सहायता के लिए नहीं, बल्कि अपनी क्षमता को और मजबूत करने के लिए वहां गए हैं।
लंदन दौरा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
लंदन प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सरकार की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात का भी उल्लेख किया और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही जिंदल समूह के साथ नए अवसरों की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड संसाधनों से समृद्ध है, जरूरत केवल सही नीतियों और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने की है।
झारखंड का भविष्य और संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्ष का युवा झारखंड ऊर्जा और संभावनाओं से भरा है। यदि सही दिशा में लक्ष्य तय किया गया, तो आने वाले 25 वर्षों में राज्य नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने झारखंड को शांत, मिलनसार और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य बताया, जहां सद्भाव और प्रेम की परंपरा रही है।

नए वर्ष की शुभकामनाएं
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने नए वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं और कहा कि झारखंड अपनी विरासत को संजोते हुए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंचों पर आगे बढ़ता रहेगा।




